हल्द्वानी, खबर संसार। इंस्पिरेशन पब्लिक स्कूल में ‘जीने की कला’ (आर्ट ऑफ लीविंग) से सम्बंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्या एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थीं।
कार्यशाला के संचालक लोकेश पाण्डेय जी तथा सुश्री शैली गोयल जी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। शैली गोयल जी द्वारा समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को कार्यशाला के उद्देश्य से परिचित करवाया गया, जो निम्नवत् है-
मानवीय मूल्यों की स्थापना, हिंसा मुक्त समाज, शांति व्यवस्था, मन को प्रसन्न रखना इत्यादि। आरम्भिक सूक्ष्मयोग क्रियाओं के माध्यम से सभी लाभान्वित रहे। तत्पश्चात लोकेश पाण्डेय द्वारा अपने अनुभवों के आधार पर मानसिक तनाव को दूर करने की विधियों, मन प्रसन्न करने के तरीके एवं बहुत महत्वपूर्ण ध्यान क्रिया के माध्यम से वातावरण को मानसिक तनाव से रहित बना दिया।
दो स्वाँसों के बीच के जीवन को जीना ही जीवन की सच्ची कला है
साथ ही स्वाँस विधि के प्रयोग और उसकी महत्ता हमारे जीवन के लिए कितनी लाभकारी है, के विषय से अवगत कराया लोकेश के अनुसार दो स्वाँसों के बीच के जीवन को जीना ही जीवन की सच्ची कला है। वे जीवन के उस सत्य को भी उद्धाटित करते हुए कहते हैं कि मन की संतुष्टी बाहर नहीं बल्कि स्वान्तः है।
शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं समेत अन्य लोगों के लिए भी यह कार्यशाला लाभकारी सिद्ध हुई जीवन के तनावों से दूर कर देने कर वाली यह कार्यशाला भविष्य में भी शिक्षकों के लिए आयोजित हो, सभी की यह कामना रही। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अनुराग माथुर ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।
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