मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड से अभी लोग उबर भी नहीं पाए थे कि एक और मामला सामने आया है। राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, जो शादी के बाद मेघालय में हनीमून मना रहे थे, कुछ दिनों से लापता थे। बाद में राजा का शव एक खाई से बरामद हुआ। पुलिस ने सोनम को गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य लोगों को भी राजा की हत्या के आरोप में पकड़ा गया है। जांच में सामने आया कि हत्या की सुपारी सोनम ने दी थी। अब सवाल उठता है कि हत्या का षडयंत्र रचने वाली सोनम को ज्यादा सजा मिलेगी या जो हत्यारे हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी?
हत्या करने वालों के लिए सजा
भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या करने वालों को मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा मिलती है। धारा 103 के अनुसार, हत्या को गंभीर अपराध माना गया है, जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। अगर हत्या संगठित रूप से पांच या अधिक लोगों ने की है या जाति, नस्ल या लिंग के आधार पर हुई है तो सजा और कड़ी हो सकती है।
सुपारी देने वाली सोनम को सजा
सोनम पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी के तहत आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज हुआ है। इस धारा के तहत हत्या की योजना बनाने वालों को भी मृत्युदंड, आजीवन कारावास या सश्रम कारावास की सजा दी जा सकती है। यदि हत्या षडयंत्र के अनुसार हुई है, तो सुपारी देने वाली सोनम को भी हत्या का दोषी मानकर सजा दी जाएगी। इसलिए, कोर्ट दोनों पक्षों को कड़ी सजा सुना सकती है, लेकिन सीधे हत्या करने वालों को अधिक कड़ी सजा मिलने की संभावना रहती है।
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