भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब डिजिटल भुगतान प्रणाली को और उन्नत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) का सहारा ले रहा है। केंद्रीय बैंक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और पेमेंट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
AI और API होंगे डिजिटल भविष्य की नींव
RBI के कार्यकारी निदेशक पी वासुदेवन ने ‘MPAI Merchants Day 2026’ में कहा कि बैंक लगातार नए DPI प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में AI और API डिजिटल इकोसिस्टम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के मुख्य आधार बनेंगे।
बढ़ते डिजिटल ट्रांजेक्शन के बीच नई रणनीति
डिजिटल लेनदेन की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए RBI अब ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस कर रहा है। इसके तहत शिकायत निवारण प्रक्रिया को भी ऑटोमेट करने की योजना बनाई जा रही है।
UPI ट्रांजेक्शन में समस्या? सिस्टम खुद करेगा शिकायत दर्ज
नई व्यवस्था के तहत, अगर कोई UPI ट्रांजेक्शन फेल होता है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद उसे शिकायत के रूप में दर्ज करेगा और समाधान की प्रक्रिया शुरू कर देगा।
इसके अलावा ‘UPI Help’ जैसी सेवाओं को भी AI से बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यूजर्स को तुरंत और उपयोगी समाधान मिल सके।
बिना मानव हस्तक्षेप के होगा समाधान
RBI का मानना है कि इस तरह के स्मार्ट सिस्टम से संस्थानों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे। खासकर जब डिजिटल पेमेंट की संख्या बढ़ रही है, तब समस्याओं का समाधान बिना मानव हस्तक्षेप के संभव हो सकेगा।
यूजर एक्सपीरियंस पर खास फोकस
पी वासुदेवन ने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल लेनदेन बढ़ेंगे, समस्याएं भी बढ़ेंगी। ऐसे में अब जरूरत है कि तकनीक के जरिए यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाया जाए।
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