केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी चर्चाओं के बीच एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 63 नवनिर्वाचित विधायकों में से 47 ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ हुई व्यक्तिगत बैठकों में वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। समर्थकों में केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ भी शामिल बताए जा रहे हैं।
कई वरिष्ठ विधायकों ने भी जताया समर्थन
सूत्रों के अनुसार, सनी जोसेफ के अलावा संदीप जी वेरियर, सजीव जोसेफ, टी ओ मोहन और उषा विजयन समेत कई नए विधायकों ने भी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की। इससे पार्टी के भीतर उनकी स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल एक अन्य वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को उस समय झटका लगा, जब उनके करीबी माने जाने वाले आई सी बालकृष्णन ने वेणुगोपाल और चेन्निथला दोनों के समर्थन की बात कही। बताया जा रहा है कि चेन्निथला को फिलहाल आठ विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
वी डी सतीशान भी रेस में, लेकिन समर्थन सीमित
वर्तमान विपक्ष नेता वी डी सतीशान को भी मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक उन्हें छह विधायकों का समर्थन मिला है। सतीशान और चेन्निथला दोनों ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश की, जबकि केसी वेणुगोपाल बैठक में मौजूद नहीं रहे।
सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से भी ली गई राय
कांग्रेस हाईकमान की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षकों माकन और वासनिक ने केवल विधायकों ही नहीं, बल्कि पार्टी सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग बातचीत कर उनकी राय जानी। जानकारी के अनुसार, तीन पूर्व केपीसीसी अध्यक्षों ने वी डी सतीशान का समर्थन किया, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं ने वेणुगोपाल के पक्ष में राय दी।
अब पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को सौंपेंगे। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर हाईकमान सनी जोसेफ, केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्षों, वी डी सतीशान और रमेश चेन्निथला को दिल्ली बुलाकर चर्चा कर सकता है।
कांग्रेस हाईकमान को CM चुनने का अधिकार
इस बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से मल्लिकार्जुन खर्गे को अगले मुख्यमंत्री के चयन का अधिकार सौंप दिया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार या रविवार तक नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह घोषणा के दो दिनों के भीतर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नए मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और यूडीएफ के सहयोगी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।
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