आज के समय में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर यानी विवाह के बाद किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध बनाना दुनिया भर में एक गंभीर सामाजिक चुनौती के रूप में उभर रहा है। इस प्रवृत्ति के कारण न केवल वैवाहिक रिश्तों में दरार आ रही है, बल्कि परिवार टूटने, मानसिक तनाव और भावनात्मक समस्याओं के मामले भी बढ़ रहे हैं। हाल ही में जारी एक वैश्विक रिपोर्ट में विभिन्न देशों में बेवफाई और विवाहेतर संबंधों से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं, जिन्होंने कई लोगों को हैरान कर दिया है।
थाईलैंड बना बेवफाई के मामलों में नंबर-1 देश
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की रिपोर्ट के अनुसार, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामलों में थाईलैंड दुनिया में पहले स्थान पर है। रिपोर्ट बताती है कि यहां करीब 51 प्रतिशत लोग शादीशुदा होने के बावजूद किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध रखते हैं।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में वैवाहिक रिश्तों के प्रति प्रतिबद्धता में कमी देखी जा रही है। सामाजिक और सांस्कृतिक बदलावों के बीच पारिवारिक संरचना पर इसका प्रभाव भी साफ नजर आ रहा है।
दूसरे स्थान पर डेनमार्क
इस सूची में दूसरा स्थान डेनमार्क को मिला है। खुशहाल देशों में गिने जाने वाले डेनमार्क में भी वैवाहिक वफादारी को लेकर स्थिति चिंताजनक बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 46 प्रतिशत शादीशुदा लोग अपने जीवनसाथी के अलावा अन्य संबंधों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती सोच रिश्तों पर असर डाल रही है।
जर्मनी में भी बढ़ रहे विवाहेतर संबंध
बेवफाई के मामलों में जर्मनी तीसरे स्थान पर है। आंकड़ों के अनुसार, यहां 45 प्रतिशत से अधिक लोग विवाह के बाहर भावनात्मक या शारीरिक संबंध रखते हैं।
विकसित देशों में शामिल जर्मनी में आधुनिक जीवनशैली और व्यक्तिगत पसंद को अधिक महत्व दिया जाता है, लेकिन इसके साथ ही वैवाहिक रिश्तों की स्थिरता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इटली चौथे पायदान पर
इस वैश्विक सूची में चौथा स्थान इटली का है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां भी करीब 45 प्रतिशत लोग एक से अधिक पार्टनर के साथ संबंध रखने की बात स्वीकार करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैवाहिक प्रतिबद्धता को लेकर समाज का बदलता नजरिया परिवारों के भीतर नई चुनौतियां पैदा कर रहा है। यही वजह है कि रिश्तों में अस्थिरता के मामले लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
फ्रांस में भी ऊंचा है बेवफाई का आंकड़ा
रोमांस और प्रेम की पहचान रखने वाला फ्रांस इस सूची में पांचवें स्थान पर है। रिपोर्ट बताती है कि यहां करीब 43 प्रतिशत शादीशुदा लोग विवाहेतर संबंधों में शामिल हैं।
फ्रांस के सामाजिक परिवेश में शादी के बाहर संबंधों को लेकर अपेक्षाकृत उदार दृष्टिकोण देखने को मिलता है, जिसके चलते ऐसे मामलों की संख्या अन्य देशों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है।
भारत को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट?
बेवफाई से जुड़े इन वैश्विक आंकड़ों के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस नकारात्मक सूची के टॉप 10 देशों में शामिल नहीं है।
भारतीय समाज में आज भी विवाह को एक पवित्र और दीर्घकालिक बंधन माना जाता है। हालांकि बड़े शहरों और आधुनिक जीवनशैली वाले क्षेत्रों में विवाहेतर संबंधों के कुछ मामले सामने आते हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर तुलना करने पर भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मानी गई है।
रिश्तों में बढ़ती दूरी बनी चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि विवाहेतर संबंध केवल पति-पत्नी के रिश्ते को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और बच्चों पर भी पड़ता है। बढ़ती बेवफाई के मामलों ने दुनिया भर में रिश्तों की मजबूती और पारिवारिक मूल्यों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ऐसे में भरोसा, संवाद और पारस्परिक सम्मान को मजबूत बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत माना जा रहा है।
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