HomeHealthपिंपल्स और स्किन एलर्जी की असली वजह यह? जानिए क्या कहते हैं...

पिंपल्स और स्किन एलर्जी की असली वजह यह? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

कई लोग लंबे समय तक महंगे फेसवॉश, ब्यूटी क्रीम और स्किन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पिंपल्स, खुजली, लालिमा और त्वचा से जुड़ी परेशानियां बार-बार लौट आती हैं। आमतौर पर लोग इसे सिर्फ बाहरी स्किन प्रॉब्लम मानते हैं, जबकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी असली वजह शरीर के अंदर, खासतौर पर पेट और पाचन तंत्र में छिपी हो सकती है।

क्या है गट-स्किन एक्सिस?

विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर में त्वचा, पाचन तंत्र, हार्मोन और इम्यून सिस्टम आपस में गहराई से जुड़े होते हैं। जब इनमें किसी एक हिस्से में गड़बड़ी होती है तो उसका असर दूसरे अंगों पर भी दिखने लगता है। साइंटिस्ट इस कनेक्शन को “गट-स्किन एक्सिस” कहते हैं। यह एक बायोलॉजिकल प्रोसेस है, जो आंत और त्वचा के बीच लगातार संपर्क बनाए रखता है।

आंतों की सेहत पर निर्भर करती है स्किन

मणिपाल हॉस्पिटल कनकपुरा रोड की स्किन रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी केसी के अनुसार, त्वचा की सेहत काफी हद तक आंतों की स्थिति पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि आंतों में मौजूद खरबों सूक्ष्मजीव शरीर में सूजन, हार्मोनल बदलाव और कई स्किन डिजीज को प्रभावित करते हैं। इसी वजह से अब मुंहासे, रोजेशिया, एक्जिमा और सोरायसिस जैसी समस्याओं के इलाज में डॉक्टर गट हेल्थ पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।

रिसर्च में भी सामने आई बड़ी बात

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से कई तरह की त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। मानव शरीर के डाइजेशन सिस्टम में मौजूद सूक्ष्मजीवों के समूह को गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये माइक्रोऑर्गेनिज्म केवल भोजन पचाने का काम नहीं करते, बल्कि शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रखने और अंदरूनी संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

क्यों बढ़ती हैं स्किन समस्याएं?

जब शरीर में अच्छे बैक्टीरिया कम होने लगते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, तब गट डिस्बायोसिस की स्थिति पैदा हो जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे शरीर में लगातार सूजन बनी रहती है, जिसका असर त्वचा पर दिखाई देने लगता है। इस स्थिति में पिंपल्स, एक्जिमा, रोजेशिया और सोरायसिस जैसी समस्याएं ज्यादा गंभीर हो सकती हैं।

लाइफस्टाइल भी है बड़ी वजह

मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. गजेंद्र आर के मुताबिक, आधुनिक लाइफस्टाइल भी गट हेल्थ को नुकसान पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड, तनाव, कम नींद और एंटीबायोटिक दवाओं का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को कमजोर कर देता है। धीरे-धीरे इसका असर त्वचा की चमक और सेहत पर भी दिखाई देने लगता है।

कैसे रखें गट और स्किन हेल्दी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ बाहरी स्किन केयर से बेहतर परिणाम नहीं मिलते। इसके लिए शरीर को अंदर से स्वस्थ रखना भी जरूरी है। फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां, साबुत अनाज, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा दही, केफिर और किमची जैसे फर्मेंटेड फूड्स शरीर में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं, जिससे त्वचा को भी फायदा मिल सकता है।


खबर आपको कैसी लगी, comment box में अवश्य लिखें। वेबसाइट को सब्सक्राइब और लाइक करना भी नहीं भूलें

इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.