अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स, निफ्टी, गिफ्ट निफ्टी, FIIs, DIIs और एशियाई बाजार का पूरा अपडेट पढ़ें। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बीच मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को घरेलू बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
गिरावट के साथ खुला भारतीय शेयर बाजार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य घटनाक्रम के चलते बाजार का माहौल कमजोर रहा। कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 344.06 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 77,272.34 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 143 अंक की गिरावट के साथ 24,068 के स्तर पर खुला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 77,616.40 और निफ्टी 24,211 पर बंद हुआ था।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में
शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार भी कमजोरी की चपेट में रहा। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 122.69 अंक नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 29.34 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,743.94 पर पहुंच गया।
इन शेयरों में दिखी तेजी और गिरावट
सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, NTPC और भारती एयरटेल बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे। इनमें टाटा स्टील करीब 0.75 प्रतिशत की मजबूती के साथ सबसे आगे रहा।
दूसरी ओर HCL टेक, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और M&M में बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में HCL टेक सबसे अधिक 2.67 प्रतिशत से ज्यादा फिसला।
बाजार में बिकवाली का दबाव रहा हावी
एनएसई पर शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार का रुख पूरी तरह नकारात्मक रहा। जहां 718 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई, वहीं 1,587 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा 145 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। उधर India VIX करीब 13.65 पर बना रहा, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता और उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहा है।
विशेषज्ञ ने क्या कहा?
चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में रिसर्च एवं टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सचिन गुप्ता के अनुसार, मौजूदा तकनीकी संकेत इस कारोबारी सत्र में बाजार के साइडवेज रहने की संभावना दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर नकारात्मक संकेतों के कारण गिफ्ट निफ्टी पहले ही कमजोर शुरुआत का इशारा दे चुका था। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में इंट्राडे रिकवरी से बाजार की बड़ी तस्वीर मजबूत बनी हुई है, लेकिन स्पष्ट दिशा के लिए निफ्टी को 23,900 से 24,250 की रेंज से बाहर निकलना होगा।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि निवेशकों और ट्रेडर्स को कच्चे तेल की कीमतों और भूराजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखनी चाहिए, क्योंकि फिलहाल यही बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं।
गिफ्ट निफ्टी ने पहले ही दिए थे कमजोर शुरुआत के संकेत
निफ्टी 50 की शुरुआती चाल का संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी नकारात्मक रुख के साथ खुला। यह अपने पिछले बंद स्तर 24,218 की तुलना में 153 अंक गिरकर 24,065 पर पहुंच गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 13 जुलाई 2026 को शुद्ध विक्रेता के रूप में 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,171.70 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की।
एशियाई बाजारों में भी दिखी कमजोरी
मंगलवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजार भी दबाव में रहे। अमेरिका और ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण संबंधी बयानों के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
रिपोर्ट लिखे जाने तक जापान का निक्केई 225 426.73 अंक यानी 0.63 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। हांगकांग का हैंग सेंग 121.72 अंक या 0.51 प्रतिशत गिरा हुआ था। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 207.51 अंक की कमजोरी के साथ लाल निशान में रहा। इसके अलावा शंघाई SSE कंपोजिट इंडेक्स 25.87 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर रहा था।
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