केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली टैक्स दरों में बदलाव किया है। 1 अक्टूबर 2026 से डीजल और एटीएफ पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है, जबकि पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 50 पैसे प्रति लीटर पर बरकरार रखी गई है।
डीजल और एटीएफ के एक्सपोर्ट पर घटाई गई ड्यूटी
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में दो अधिसूचनाएं जारी की हैं। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्साइज ड्यूटी 15 रुपये से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
पेट्रोल की एक्सपोर्ट ड्यूटी में नहीं हुआ बदलाव
पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी 0.5 रुपये प्रति लीटर पर पहले की तरह बनी रहेगी। यानी नई अधिसूचनाओं में पेट्रोल की एक्सपोर्ट लेवी में न बढ़ोतरी की गई है और न ही कमी की गई है। सरकार का यह कदम देश में पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की पर्याप्त उपलब्धता से जुड़ा है। इससे तेल कंपनियों को इन उत्पादों का एक्सपोर्ट करने में पहले की तुलना में अधिक आजादी होगी।
नई दरें 1 अक्टूबर से लागू
अधिसूचना संख्या 52/2026-सेंट्रल एक्साइज के अनुसार, डीजल के एक्सपोर्ट पर कुल 16 रुपये प्रति लीटर SAED लागू होगी। इसमें SAED 16 रुपये और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शून्य रखा गया है। वहीं, अधिसूचना संख्या 53/2026-सेंट्रल एक्साइज के तहत ATF के एक्सपोर्ट पर 10.5 रुपये प्रति लीटर SAED लागू होगी।
हर 15 दिन में होती है दरों की समीक्षा
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की एक्सपोर्ट लेवी की हर पखवाड़े समीक्षा करती है। इसके लिए पिछली समीक्षा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है। इससे पहले 16 सितंबर 2026 को दरों में संशोधन किया गया था। 30 सितंबर को जारी अधिसूचनाओं में 1 अक्टूबर से लागू होने वाली नई दरें तय की गई हैं।
मार्च 2026 में शुरू हुई थी एक्सपोर्ट लेवी
सरकार ने 27 मार्च 2026 से पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट पर यह लेवी लागू की थी। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में संकट की पृष्ठभूमि में पेट्रोलियम उत्पादों के एक्सपोर्ट को हतोत्साहित करना और घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
क्या घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम बदलेंगे?
इन अधिसूचनाओं का संबंध एक्सपोर्ट किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों से है। यह घरेलू इस्तेमाल के पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं है। इसलिए केवल इन अधिसूचनाओं के आधार पर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में सीधे बदलाव नहीं माना जा सकता।
10 प्वाइंट में पूरी खबर
- केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की नई एक्सपोर्ट टैक्स दरें जारी कीं।
- नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हुईं।
- डीजल पर SAED 20 रुपये से घटकर 16 रुपये प्रति लीटर हुई।
- ATF पर एक्साइज ड्यूटी 15 रुपये से घटकर 10.50 रुपये प्रति लीटर हुई।
- पेट्रोल की एक्सपोर्ट ड्यूटी 0.5 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार है।
- डीजल के लिए अधिसूचना संख्या 52/2026-सेंट्रल एक्साइज जारी हुई।
- ATF के लिए अधिसूचना संख्या 53/2026-सेंट्रल एक्साइज जारी हुई।
- एक्सपोर्ट लेवी की समीक्षा सरकार हर 15 दिन में करती है।
- यह लेवी 27 मार्च 2026 से लागू की गई थी।
- नई अधिसूचनाओं का घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर सीधा असर नहीं माना जा सकता।
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