मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे अनिल पंडित द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोटा से हिरासत में लिए गए तीन संदिग्ध
अभिनेता के जुहू स्थित आवास के बाहर गोलीबारी के बाद मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुईं। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया गया। राजस्थान पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त अभियान में तीन संदिग्धों को कोटा से हिरासत में लिया गया। शुरुआती पड़ताल के मुताबिक, इनमें से दो पर गोलीबारी करने का संदेह है। पुलिस उनसे गैंग के नेटवर्क और कथित साजिशकर्ताओं के संबंध में पूछताछ कर रही है।
BNS की धारा 109 में कितनी सजा?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) ने 1 जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (IPC) का स्थान लिया। BNS की धारा 109 हत्या के प्रयास से संबंधित है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। यदि इस अपराध में किसी को चोट पहुंचती है, तो आजीवन कारावास का प्रावधान भी है। हालांकि, सजा का निर्धारण मामले के तथ्यों और अदालत में साबित आरोपों के आधार पर होता है।
जांच में अपराध की प्रकृति और आरोपियों की भूमिका के आधार पर BNS की धारा 110, 125, 351 और 61 सहित अन्य प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है। आपराधिक षड्यंत्र, धमकी और सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़े आरोपों के लिए संबंधित कानूनी शर्तों का पूरा होना जरूरी है।
आर्म्स एक्ट के तहत भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार की वैधता भी जांच का अहम हिस्सा है। बिना लाइसेंस हथियार रखने या प्रतिबंधित हथियारों के इस्तेमाल की स्थिति में आर्म्स एक्ट, 1959 के प्रावधान लागू हो सकते हैं। संबंधित अपराध और हथियार की श्रेणी के अनुसार सजा अलग-अलग हो सकती है। इस मामले में आरोपियों को कितनी सजा मिलेगी, यह जांच के निष्कर्षों, उपलब्ध सबूतों, दर्ज धाराओं और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करे






