खबर संसार, नई दिल्ली : … आखिर मरने के बाद क्या होता है इन महत्वपूर्ण documents का, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड पासपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। जिनकी हमें किसी न किसी काम के लिए जरूरत पड़ती ही रहती है। इसलिए इन documents को हम काफी संभालकर रखते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर मरने के बाद इन जरूरी और महत्वपूर्ण दस्तावेज का क्या होता है, शायद आपको नहीं पता तो आज हम बताने जा रहे हैं कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।
वोटर आईडी कार्ड
वोटर आईडी कार्ड भी जरूरी दस्तावेज है क्योंकि भारतीय नागरिक होने के साथ ही इस दस्तावेज के जरिए आप चुनाव में वोट कर सकते हैं। किसी की मृत्यु के बाद इसे रद्द करवाया जा सकता है। इसके लिए चुनाव कार्यालय में जाकर फॉर्म-7 भरना होता है। जिसके बाद वोटर आईडी कार्ड रद्द हो जाता है।
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पैन कार्ड documents
पैन कार्ड बेहद महत्वपूर्ण है, मत्यु के बाद इसे सरेंडर कर सकते हैं। यहां बता दें कि जबतक आपका इनकम टैक्स रिटर्न की प्रक्रिया पूरी नहीं होती आप इसे संभालकर रख लें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप इस दस्तावेज को आयकर विभाग को ही सौंप सकते हैं। अगर आपको लगता है कि मृतक का पैन कार्ड भविष्य में आपके काम आ सकता है, तो उसे अपने पास रख सकते हैं।
आधार कार्ड
आधार कार्ड भी हमारे जीवन का एक महत्पूर्ण हिस्सा है। आधार से जुड़ी सेवाएं देखने वाली अथॉरिटी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पास मृतक के आधार कार्ड को रद्द कराने की कोई प्रक्रिया नहीं है। लेकिन यदि मृतक ने कोई सरकारी योजना ली हुई थी तो वह अवश्य ही आधार से लिंक भी होगी। ऐसी स्थिति में परिवारवालों को इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देनी होती है।
पासपोर्ट
विदेश यात्रा के लिए हमें पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है। अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो अगर आप अगर उनका पासपोर्ट रद्द करने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल ऐसा संभव नहीं है। बता दें कि आधार कार्ड की ही तरह पासपोर्ट को भी रद्द करने की योजना अबतक नहीं बनाई गई है। लेकिन पासपोर्ट की एक समय सीमा होती है जिसके बाद उसे नवीनीकरण कराना होता है। अगर उसे नवीनीकरण नही कराया तो पासपोर्ट वैसे ही रद्द हो जाएगा।
ड्राइविंग लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने या रद्द करने का कोई प्रावधान नहीं है। प्रत्येक राज्य अलग से ड्राइवर के लाइसेंस के मुद्दे, निलंबन और रद्दीकरण को नियंत्रित करता है, इसलिए कुछ भी करने से पहले राज्य-विशिष्ट नियमों की पुष्टि करना उचित है।
