लखनऊ, खबर संसार। जी, हां गाजीपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 2005 के कृष्णानंद राय अपहरण-हत्या मामले में उन्हें शनिवार को दोषी करार दिया। मुख्तार अंसारी को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
माफिया मुख्तार अंसारी पर गैंगस्टर मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उनपर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। गाजीपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 2005 के कृष्णानंद राय अपहरण-हत्या मामले में उन्हें शनिवार को दोषी करार दिया।
मुख्तार को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। खबर के मुताबिक अफजाल अंसारी पर दोपहर दो बजे फैसला आएगा। दोनों के खिलाफ 2007 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदना दर्ज किया गया था।
15 साल पुराना है मामला
कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के मामले में 2019 में कोर्ट ने दोनों भाइयों को बरी कर दिया था। जबकि नंदकिशोर रूंगटा की हुई हत्या के मामले में 2001 में मुख्तार अंसारी बरी हो गया था।
इसके बावजूद गैंगस्टर केस में मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि कोर्ट गवाहों के मुकरने की वजह से बरी होने के आधार पर कड़ा फैसला सुना सकती है।
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी में शामिल होगा। वहीं उसका भाई अफजाल अंसारी कोर्ट में पहुंच चुके हैं। कोर्ट परिसर में हलचल बढ़ गई है। थोड़ी देर में एमपी/एमएलए कोर्ट का फैसला आने वाला है।
बता दें की फैसले के मद्देनजर गाजीपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है। हर गेट पर सुरक्षाकर्मी चौकस नजर आ रहे हैं। कोर्ट में अंदर आने वालों को पूरी तलाशी के बाद ही जाने दिया जा रहा है। 15 साल बाद आने जा रहे इस फैसले पर सबकी नजर है। पहले यह फैसला 15 अप्रैल को ही आने वाला था पर बाद में डेट बढ़ा दी गई थी।
2019 में अफजाल अंसारी गवाहों के मुकर जाने के चलते कृष्णानंद राय हत्या के मामले में बरी हो चुके हैं। जबकि मुख्तार अंसारी कृष्णानंद राय और नंदकिशोर रुंगटा दोनों ही हत्याकांड में बरी हो गया था। दोनों भाई गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने के चलते बरी हुए थे।
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