एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर FSSAI के एक आदेश ने PepsiCo और Monster Beverage जैसी बड़ी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। नियामक ने हाई-कैफीन वाले ड्रिंक्स पर ‘Energy Drink’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा है। कंपनियों ने इस फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया है।
क्या है पूरा मामला?
देश के खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने हाई-कैफीन वाले ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पादों पर ‘Energy Drink’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने का आदेश दिया था। नियामक ने यह कदम बच्चों और आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया है। ज्यादा कैफीन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
FSSAI के इस आदेश के खिलाफ PepsiCo और Monster Beverage ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। दोनों कंपनियों ने इस फैसले से होने वाले संभावित असर को लेकर अपनी बात रखी है।
492 मिलियन बोतलों और कैन का सवाल
अदालत में जमा दस्तावेजों के मुताबिक, PepsiCo India ने कहा है कि FSSAI के अचानक आए फैसले से उसके कारोबार पर बड़ा असर पड़ सकता है। कंपनी का दावा है कि जुलाई के आखिर तक बाजार में करोड़ों बोतलें और कैन ऐसे मौजूद थे, जिन पर ‘Energy Drink’ का लेबल लगा हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स और आंकड़ों के मुताबिक, यह संख्या करीब 492 मिलियन बोतलों तक पहुंचती है।
वहीं, Monster Energy India ने भी अदालत में कहा है कि इस फैसले के कारण कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान के साथ उसकी साख पर भी असर पड़ रहा है। इस विवाद का असर भारत में बिकने वाले Sting और अन्य ब्रांड्स पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
तेजी से बढ़ते बाजार पर पड़ सकता है असर
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब भारत में एनर्जी ड्रिंक्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। युवा वर्ग में इन ड्रिंक्स का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।
बिजनेस और मार्केट से जुड़े जानकारों के अनुमान के मुताबिक, भारत का एनर्जी ड्रिंक बाजार साल 2028 तक बढ़कर 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। हालांकि, यदि कंपनियों को अपने उत्पादों से ‘Energy Drink’ नाम हटाना पड़ता है, तो उनकी बिक्री और कमाई प्रभावित हो सकती है। इस मामले पर अदालत में अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
10 प्वाइंट में समझें पूरी खबर
- FSSAI ने हाई-कैफीन वाले ड्रिंक्स को लेकर आदेश जारी किया।
- कंपनियों से ‘Energy Drink’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया।
- FSSAI ने बच्चों और आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखा।
- ज्यादा कैफीन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
- PepsiCo ने FSSAI के फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया।
- Monster Beverage ने भी अदालत में अपनी बात रखी।
- PepsiCo India के मुताबिक बाजार में करीब 492 मिलियन बोतलें और कैन मौजूद थे।
- Monster Energy India ने वित्तीय नुकसान और साख प्रभावित होने की बात कही।
- भारत का एनर्जी ड्रिंक बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
- 2028 तक यह बाजार 1.6 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
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