देहरादून खबर संसार। कुछ मुट्ठीभर डॉक्टर्स की वजह से होती प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाए बदहाल जी हा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने का मुख्य कारण ड्यूटी से वर्षों तक गायब रहने वाले डॉक्टर्स की वजह से भी है। यह लोग क्लीनिक प्रैक्टिस चलाते-चलाते अपना क्लीनिक और हॉस्पिटल खोल लेते है। ड्यूटी ज्वाइन करते नही है मरीज और उसके तीमारदार इलाज से तरसते है अगर गरीब है तो।
बताते चले की सरकार भी इनकी जगह नई भर्ती नहीं कर पाती। पोस्ट इंगेज रहती है।इसलिए उधमसिंह नगर रुद्रपुर में उत्तराखंड सरकार ने इस गायब रहने वाले 10 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी है। कई सालों से ड्यूटी से नदारद रह रहे थे सरकार का इस पर सख्त एक्शन बताया जा रहा है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में कई वर्षों पहले तैनात 10 डॉक्टरों ने वर्ष 2012 से ही ड्यूटी पर आना बंद कर दिया था कई बार डॉक्टरों से लेटर बाजी की गई लेकिन तब भी यह डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए और ना ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। कारण स्पष्ट इन डॉक्टरों ने अपने-अपने क्लीनिक और हॉस्पिटल खोल रखे है। सीएमओ डॉ डीएस पंचपाल ने बताया कि लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने वालो डॉक्टरों को एक तय समय में उपस्थित रहने का नोटिस दिया जाता है नोटिस का जवाब न देने पर उसकी सेवाए समाप्त कर दी जाती है।
