उदयपुर हत्याकांड में एनआईए की कस्टडी में चारों आरोपी हैं। इन्हें 12 जुलाई तक एनआईए की कस्टडी में भेजा गया है। वैसे तो जांच एनआईए के पास है, लेकिन एटीएस की जांच में भी कई बड़े सुराग सामने आए हैं। इसी के आधार पर ये दावा किया जा रहा है कि आरोपियों को सीमा पार से निर्देष मिल रहे थे।
पाकिस्तान से इनके तार जुड़े हुए हो सकते हैं। उदयपुर की घटना के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसका नजारा जयपुर में आरोपियों की पेशी के दौरान देखने को मिला। जब पेशी के दौरान गुस्साई भीड़ ने आरोपियों की पिटाई कर दी।
कमांडी की मौजूदगी में की पिटाई
पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में लोगों का आक्रोश सामने आया है। उसके बाद इन दोनों की जमकर पिटाई की गई है। पुलिस कमांडो वहां मौजूद थे। लेकिन लोगों का आक्रोश उस वक्त फूट पड़ा जब पेशी के बाद एनआईए की तरफ से इन्हें कस्टडी में लिया जाना था।
आरोपियों पर थप्पड़, जूते, चप्पल सब बरसाए हैं। जिस बर्बरता से इन लोगों ने उदयपुर हत्याकांड को अंजाम दिया था। उसके बाद से लोगों की भावनाएं निकली। जयपुर में उदयपुर कांड के आरोपियों की जमकर पिटाई की गई।
नुपुर शर्मा के कथित समर्थन में की हत्या
राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की दुकान के अंदर दिनदहाड़े दो लोगों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में कथित रूप से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए दो लोगों ने हत्या कर दी। इस घटना के बाद ही दोनों आरोपियों को पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया था। घटना के बाद प्रदेश में फैल रहे तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए राजस्थान सरकार ने एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी थी।
राजस्थान पुलिस के अनुसार उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की हत्या में शामिल मुख्य आरोपी पाकिस्तान स्थित संगठन दावत-ए-इस्लामी के संपर्क में थे और उनमें से एक आरोपी संगठन से मिलने के लिए 2014 में पाकिस्तान के कराची भी गया था। वहीं केंद्रीय एजेंसी के अनुसार इस हत्या के पीछे एक बड़े गिरोह की भूमिका है और यह केवल दो व्यक्तियों द्वारा किया गया कार्य नहीं था।


