राजस्थान में शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान जोधपुर और जैसलमेर ज़िलों से तीन मौलवियों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, तीनों पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का संदेह है। सुरक्षा एजेंसियों ने उनके फोन रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है।
दो जोधपुर में, एक जैसलमेर से गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि दो संदिग्धों को जोधपुर से और एक को जैसलमेर से पकड़ा गया है। राजस्थान एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी जोधपुर संभाग में कई जगहों पर की गई। कार्रवाई अब भी जारी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तीनों संदिग्ध कुछ समय से धार्मिक संस्थानों के ज़रिये युवाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे थे।
अरबिया मदरसे से हिरासत, दस्तावेज़ ज़ब्त
एनआईए-एटीएस की टीम ने जोधपुर के चोखा स्थित अरबिया मदरसे से मौलवी अयूब को हिरासत में लिया है। वहीं, जोधपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर पीपाड़ कस्बे से एक और संदिग्ध उस्मान को पकड़ा गया। उनके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन से सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जैसलमेर से भी मौलवी गिरफ़्तार
टीमों ने जैसलमेर ज़िले से मौलवी मसूद को भी हिरासत में लिया है। सूत्रों का कहना है कि मसूद कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था और विदेशी फंडिंग को लेकर उस पर निगरानी रखी जा रही थी। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या ये संदिग्ध किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हैं।
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