खबर संसार, नई दिल्ली: खुशखबरी – अब hydrogen ऊर्जा से चलेगी भारतीय रेल। इसके लिए भारतीय रेलवे अब नए मिशन की ओर बढ़ रही है। पहले हमारी रेल भाप से , फिर कोयले से, डीजल से और फिर इलेक्ट्रिक से ट्रेनों को पटरी पर दौड़ते देखा गया है, लेकिन अब जल्द ही आपको भरतीय रेल हाइड्रोजन ऊर्जा से चलती हुई दिखाई देगी।
पूरी दुनिया में भारत हरित ऊर्जा में तीसरा देश बनेगा। इसके पहले जर्मनी पोलैंड ने हरित यह कारनामा कर दिखाया है। हरित ऊर्जा और शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में लंबी छलांग लगाते हुए भारत ने hydrogen ईंधन सेल के जरिए रेल चलाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, जहां शुद्धतम हरित ऊर्जा का प्रयोग शुरू किया जा रहा है। हाइड्रोजन ऊर्जा चालित डेमो ट्रेन के परिचालन से सालाना करीब 2.3 करोड रुपए की बचत होगी और 11.12 किलो टन नाइट्रोजन डाइऑक्साइड एवं 0.72 किलो टन कार्बन कणों का उत्सर्जन कम होगा।
सोनीपत-जींद सेक्शन पर चलेगी पहली hydrogen रेल
भारतीय रेलवे ने राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन के अंतर्गत हरियाणा में सोनीपत-जींद के 89 किलोमीटर मार्ग पर चलने वाली डीजल चालित डेमो गाड़ी में hydrogen ईंधन सेल आधारित प्रौद्योगिकी फिट करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 21 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच निविदा दाखिल की जा सकेगी। निविदा पूर्व बैठक 17 अगस्त को होगी।
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क्या है हाइड्रोजन ऊर्जा प्रणाली
ऊर्जा प्रणाली में सौर ऊर्जा के प्रयोग से पानी को विघटित करके hydrogen प्राप्त की जाती है। यह अब तक का सर्वाधिक स्वच्छ ऊर्जा मॉडल माना गया है। इस प्रयोग की सफलता के बाद सभी डीजल चालित इंजनों को हाइड्रोजन चालित में परिवर्तित किया जाएगा।
2030 तक लक्ष्य निर्धारित
बता दें कि पेरिस वातावरण समझौता 2015 के अंतर्गत ग्रीनहाउस गैसेस को कम करने के लक्ष्य की प्राप्ति की चुनौती को स्वीकार करते हुए तथा रेलवे द्वारा जीरो कार्बन उत्सर्जन मिशन के अंतर्गत 2030 तक लक्ष्य प्राप्ति हेतु सोनीपत-जींद सेक्शन पर दो डीएमयू रैक को फ्यूल सेल पावर हाइब्रिड सिस्टम से चलाने का फैसला लिया गया है।



