दुनियाभर में मशहूर चैटिंग ऐप WhatsApp ने हाल ही में एक गंभीर साइबर अटैक का खुलासा किया है। कंपनी ने बताया कि यह अटैक इतना खतरनाक था कि इसमें हैकर्स को किसी लिंक पर क्लिक कराने की जरूरत नहीं पड़ी। इस तरह के अटैक को जीरो-क्लिक अटैक कहा जाता है।
कंपनी के मुताबिक, अटैक दो बड़ी कमजोरियों की वजह से हुआ। पहली कमजोरी व्हॉट्सऐप के कोड में थी, जिससे हैकर्स किसी भी तरह का कंटेंट यूजर के डिवाइस तक भेज सकते थे। दूसरी कमजोरी एप्पल के iOS और macOS सिस्टम में थी, जिसे अब पैच कर दिया गया है। दोनों खामियों के कारण हैकर्स चुनिंदा यूजर्स को आसानी से निशाना बना पाए।
कौन बने इस हैकिंग अटैक का शिकार?
व्हॉट्सऐप ने खुलासा किया कि इस हैकिंग कैंपेन का शिकार दुनियाभर में 200 से भी कम लोग हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन शिकारों में जर्नलिस्ट, ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से इस अटैक को टारगेटेड और हाई-रिस्क माना जा रहा है।
कंपनी का दावा और यूजर्स के लिए अलर्ट
व्हॉट्सऐप ने दावा किया है कि सिक्योरिटी पैच और अपडेट तुरंत रोलआउट कर दिए गए हैं। जिन यूजर्स पर अटैक हुआ, उन्हें नोटिफिकेशन भेजकर चेतावनी दी गई है। साथ ही, एप्पल ने भी अपने सिस्टम के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए हैं ताकि दोबारा ऐसा अटैक न हो सके।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि यूजर्स अपने iPhone और Mac डिवाइस पर तुरंत लेटेस्ट अपडेट इंस्टॉल करें। साथ ही, व्हॉट्सऐप को भी नए वर्जन में अपग्रेड करना जरूरी है। अगर आप संवेदनशील काम से जुड़े हैं, तो लॉकडाउन मोड और सिक्योरिटी सेटिंग्स का इस्तेमाल करें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप से सावधान रहें।
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