दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की तरफ से एक बड़ी रैली आयोजित की गई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला समेत 19 राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। रैली में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाए।
साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। रैली की शुरुआत दोपहर 12 बजे मिंटो जंक्शन से विपक्षी मार्च के साथ हुई, जो करीब 3 बजे रामलीला मैदान पहुंचा। पिछले 25 दिनों में विपक्षी दल SIR के मुद्दे पर सातवीं बार एकजुट हुए हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच छह बार प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
राहुल गांधी बोले- वोट चोरी का लेंगे बदला
गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और देश को न्याय मिलेगा। राहुल ने दावा किया कि 2024 के चुनाव के बाद 13.5 करोड़ वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने इसे देश के नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
राहुल ने कहा कि देश में नफरत की राजनीति नहीं चलेगी। हम मोहब्बत की दुकान खोलने वाले लोग हैं और संविधान तथा लोकतंत्र पर किसी भी हमले को स्वीकार नहीं करेंगे।
खड़गे ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पाताल में भी चले जाएं तो उन्हें वहां से खोजकर लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के वोट का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
ममता और अखिलेश ने भी उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि लोगों के वोट, नौकरियां और अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्ष संघर्ष जारी रखेगा। वहीं, अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव आयोग को हथियार बनाकर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव ने की इस्तीफे की मांग
तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हर भारतीय को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने भी देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। रैली में विपक्षी नेताओं ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी आपत्तियां रखीं।







