Tokyo Paralympics में भारत का प्रर्दशन शानदार रहा है, अभी तक भारत ने 12 मेडल जीते है, इतने मेडल एक साल में जीते उतने मेडल भारत ने 53 साल में 11 पैरालिंपिक खेल कर भी नहीं जीत पाया था।
बताते चले कि राजस्थान की अवनि लेखरा ने पैरालिंपिक्स में इतिहास रच दिया है। अवनि ने 50 मीटर एयर राइफल में शुक्रवार को ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इससे पहले वो 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड जीता था। किसी ओलिंपिक या पैरालिंपिक्स में दो मेडल जीतने वाली वो पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
अवनि के अलावा आज प्रवीण कुमार ने भी देश को मेडल दिलाया। उन्होंने हाईजम्प में नए एशियन रिकॉर्ड के साथ सिल्वर मेडल जीता। ये मेडल उन्हें टी-64 कैटेगिरी की हाईजंप में मिला। भारत के अब टोक्यो में 12 मेडल हो चुके हैं। इससे पहले इतने मेडल 53 साल में 11 पैरालिंपिक्स में मिलाकर आए। 1960 से पैरालिंपिक हो रहा है। भारत 1968 से पैरालिंपिक में भाग ले रहा है। वहीं 1976 और 1980 में भारत ने भाग नहीं लिया था।
एक पैरालिंपिक में 2 जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनी अवनि
Tokyo Paralympics में देश के लिए पहला गोल्ड जीतने वाली जयपुर की अवनि 50 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह एक ओलिंपिक या पैरालिंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी हैं। देवेंद्र झाझरिया पैरालिंपिक में तीन मेडल जीत चुके हैं, वहीं ओलिंपिक में कुश्ती में सुशील कुमार और बैडमिंटन में पीवी सिंधु दो मेडल जीते हैं।
प्रधानमंत्री ने भी दी बधाई- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत समर्पण का नतीजा है। मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा- प्रवीण के पैरालिपिंक में मेडल जीतने पर गर्व हैं। यह उनके कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का नतीजा है। उन्हें बधाई।
प्राची मेडल से चूकीं
प्राची कैनो स्प्रिंट की महिला सिंगल्स के 200 मीटर वीएल-2 स्पर्धा में मेडल से चूक गई हैं। वह फाइनल में आठवें स्थान पर रही। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने यह दूरी 1:07.397 के साथ पूरी की। प्राची यादव ग्वालियर में बहोड़ापुर इलाके के आनंद नगर की रहने वाली हैं। वे कैनोइंग के फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। (Tokyo Paralympics)
भारत को मिल चुके हैं 2 गोल्ड सहित 11 मेडल
टोक्यो (Tokyo Paralympics) में भारतीय पैरा खिलाड़ी अब तक 2 गोल्ड सहित 11 मेडल जीत चुके हैं। अवनि लेखरा ने महिलाओं के एसएच1 -10 मीटर राइफल में गोल्ड मेडल जीता। इनके अलावा हाईजंप में सुमित अंतिल ने गोल्ड मेडल जीता।
जेविलन में F 46 में देवेंद्र झाझरिया, डिस्कस के F56 में योगेश कथुनिया, टेबल टेनिस के क्लास-4 में भाविनाबेन पटेल, T47 के हाईजंप में निषाद टी-42 के हाईजंप में मरियप्पन थंगावेलू सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। जबकि T42 के हाईजंप में शरदकुमार और एफ 46 के जेवलिन में सुंदर गुर्जर और सिंहराज अधाना sh1 के 10 मीटर एयर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।

