खबर संसार देहरादून.खनन निदेशक के सस्पेंशन के बाद लेघा को मिलेगी सीट! जी हा दो सप्ताह पूर्व के विवाद पर सरकार के कड़े रुख अख्तियार करते हुऐ खनन विभाग के निदेशक एसएल पैट्रिक को निलंबित कर दिया गया है जो उनके लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि जून में रिटायरमेंट था
पाठकों को बताएं चले कि खनन विभाग के निदेशक एसएल पैट्रिक, उसी व्यक्ति की शिकायत पर निलंबित हुए हैं, जिस पर कुछ दिन पूर्व उन्होंने अपहरण का आरोप लगाया था। इस मामले में पैट्रिक ने ओमप्रकाश तिवारी नामक युवक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। सूत्रों के अनुसार, पैट्रिक और तिवारी के बीच लेन-देन को लेकर व्हाट्सएप पर चैट हुई थी। बाद में इसी चैट पर पैट्रिक घिर गए और सरकार के शिकंजे में आ गए।

पैट्रिक और ओमप्रकाश तिवारी के बीच बीती नौ अप्रैल को विवाद हुआ था। पैट्रिक ने 14 अप्रैल को इस मामले की शिकायत देहरादून के कैंट थाने में दी। इस पर ओम प्रकाश तिवारी और उनके साथियों के खिलाफ बंधक बनाने का मुकदमा भी दर्ज किया गया था। शिकायत में पैट्रिक ने तिवारी पर बल्लूपुर के निकट एक गेस्ट हाउस में दो घंटे तक बंधक बनाए रखने और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रकरण सामने आने के बाद ही पैट्रिक और तिवारी के रिश्तों पर सवाल खड़े होने लगे थे। हालांकि, पैट्रिक ने यह भी कहा आरोप लगाया था कि तिवारी उनसे सचिवालय में एक अपर सचिव के दफ्तर में अक्सर मिलता था। तभी से माना जा रहा था कि इस मामले में सरकार पैट्रिक पर कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद वह बुधवार को निलंबित हो गए। इस मामले में आंच खनन विभाग के कुछ अन्य अधिकारियों और उनके करीबियों तक पहुंचने तथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
खनन निदेशक के खिलाफ सरकार की ओर से की गई निलंबन की कार्रवाई के बाद बुधवार को सचिवालय और खनन निदेशालय में हड़कंप मच गया। विदित है कि खनन निदेशक होने की वजह से एसएल पैट्रिक एक तरह से विभाग में सर्वेसर्वा की स्थिति में थे और उनके विवाद में नाम आने के बाद निलंबित होने से विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ ही खनन कार्य से जुड़े ठेकेदारों में भी हड़कंप की स्थिति है।
