हावड़ा में रामनवमी और उसके अगले दिन हुई हिंसा को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने हिंसा की जांच सीआईडी से कराने का आदेश दिया है, लेकिन बीजेपी इससे संतुष्ट नहीं है। बीजेपी ने हिंसा की जांच एनआईए से कराने की मांग की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इसके हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा के लिए ममता बनर्जी की ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ममता बनर्जी सरकार राज्य में ‘देश विरोधी ताकतों’ को रोकने में नाकाम रही हैं। सुवेंदु अधिकारी ने कहा “इस हिंसा के लिए ममता बनर्जी और उनकी पार्टी जिम्मेदार है। उनकी राजनीति की वजह से आज बंगाल जल रहा है।”
सीआईडी जांच के आदेश
हावड़ा में गुरुवार (30 मार्च) को रामनवमी के जुलूस पर जमकर पथराव किया गया था। इस दौरान कई गाड़ियों को भी आग लगा दी गई थी। इसके अगले दिन शुक्रवार (31 मार्च) को एक बार फिर उसी इलाके में हिंसा भड़क उठी जहां रामनवमी को हुई थी। बीजेपी ने इस हमले पर राज्य की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
शनिवार (1 अप्रैल) को राज्य सरकार ने हिंसा की जांच सीआईडी से कराने का आदेश दिया। इलाके में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। सीआईडी के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप समेत कई ब्रांच जांच में शामिल होंगी। इसमें डीआईजी रैंक के अधिकारी होंगे।
पुलिस ने कहा- इलाके में शांति
हावड़ा के पुलिस कमिश्नर प्रवीण त्रिपाठी ने बताया, “स्थिति नियंत्रण में है। अब तक 38 लोगों को अरेस्ट किया गया है। दो केस दर्ज किए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में धारा 144 लगाई गई है।” उन्होंने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। लोगों को भरोसा दिलाने के लिए हर अपार्टमेंट में जाकर पुलिस बात कर रही है। इस वक्त हम सभी चीजों को कंट्रोल कर चुके हैं। लोगों का मनोबल बढ़ा है।
उपद्रवियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगीं
- 147, 149- खतरनाक हथियारों के साथ हिंसा
- 325- गंभीर चोट
- 186- सरकारी कर्मचारियों पर हमला
- 307- हत्या की कोशिश
- पीडीपीपी एक्ट- सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
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