लालकुआं खबर संसार.चुनाव के नजदीक आते ही फिर से उछला @बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दो,लालकुआं के जनता इंटर कॉलेज में बड़ी संख्या में उमड़े लोग. जी हा वर्षों पुरानी मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। पहले जनता इंटर कॉलेज में जनसभा की, उसके बाद लालकुआं तक जुलूस निकाला। तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को सौंपा। चेतावनी दी गई कि जल्द बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित लोकल जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।लोगों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की.
चुनाव के नजदीक आते ही फिर से उछला @बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दो,
बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के संयोजक कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने राजस्व गांव की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य, सम्मान और मालिकाना अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है। पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि बिंदुखत्ता को शीघ्र राजस्व ग्राम घोषित किया जाना चाहिए। उनके कार्यकाल में बनाई गई नगर पालिका का विरोध हुआ था, जिसकी पीड़ा उन्हें आज भी है। यदि नगर पालिका बनी रहती तो क्षेत्र में और अधिक विकास हो चुका होता। उन्होंने कहा कि अस्पताल, स्कूल, आईटीआई सहित अनेक विकास कार्य पूर्व की कांग्रेस सरकार की देन हैं। भाकपा (माले) के इन्द्रेश मैखुरी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार भूमिहीनों को हटाने का कार्य कर रही है। अब लोगों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। संचालन कैप्टन हीरा सिंह बिष्ट और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पुष्कर दानू ने किया। संयोजक इदर सिंह पनेरी ने लालकुआं में साप्ताहिक अवकाश के बावजूद गौला नदी खोलने और स्कूलों को खोलने के सरकारी आदेशों के विरोध में ग्रामीणों ने इसे तानाशाही करार दिया।
अस्पताल, स्कूल, आईटीआई सहित अनेक विकास कार्य पूर्व की कांग्रेस सरकार की देन
इधर 8 जुलाई 2023 को बिंदुखत्ता को राजस्व गाँव घोषित करने का दावा उपखण्ड स्तरीए समिति में प्रस्तुत किया, 19 जून 2024 को जिला स्तरीय समिति ने इसे स्वीकृति देते हुए शासन को भेजा, 11 नवंबर 2025 को फ़ाइल को पुन : उपखण्ड स्तरीय समिति को वापस भेजे जाने से स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य वनाधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, कुंदन सिंह मेहता, हीरा सिंह बिष्ट, हरेंद्र बोरा, हेमवंती नंदन बहुगुणा, संध्या डालाकोटी, धरम सिंह बिष्ट, चंचल सिंह कोरंगा, पुष्पा टम्टा, किशन सिंह, पुष्कर दुबरिया, भुवन जोशी, भरत नेगी, रमेश कुमार, दलवीर कफलटिया सहित सेकड़ों लोग थे.


