इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की है कि उसने ईरान के छह सैन्य हवाई अड्डों पर लक्षित हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की हवाई शक्ति और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाना था। IDF के अनुसार, इन हमलों में रनवे, भूमिगत बंकर, एक ईंधन भरने वाला विमान और ईरानी शासन के स्वामित्व वाले एफ-14, एफ-5 और एएच-1 हेलीकॉप्टर तथा जेट विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
केरमानशाह क्षेत्र में मिसाइल अड्डों पर हमला
सेना ने दावा किया कि केरमानशाह में हुए एक बड़े ऑपरेशन में 15 से अधिक लड़ाकू विमानों का उपयोग कर बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण और लॉन्च स्थलों को नष्ट किया गया। इन साइट्स को इज़रायल पर संभावित मिसाइल हमलों की तैयारी के रूप में चिन्हित किया गया था। इस ऑपरेशन में कई मिसाइल सुविधाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं।
ईरान में इजरायली ड्रोन मार गिराया गया
IDF ने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिमी ईरान के खोरमाबाद क्षेत्र में एक इजरायली मानव रहित हवाई वाहन (UAV) ऑपरेशनल मिशन के दौरान गिरा दिया गया। ईरानी मीडिया द्वारा रिपोर्ट किए गए ड्रोन को ‘हर्मीस’ मॉडल बताया गया है। IDF ने कहा है कि इससे किसी संवेदनशील जानकारी के लीक होने का खतरा नहीं है।
IRGC के 10 कर्मियों की मौत, हमलों से तनाव चरम पर
ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, यज़्द प्रांत में हुए इज़रायली हवाई हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कम से कम 10 जवान मारे गए हैं, जबकि कई अन्य घायल बताए गए हैं। इज़रायली अधिकारियों के मुताबिक, 13 जून से शुरू हुई इस श्रृंखला में अब तक दो दर्जन से अधिक ईरानी सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं। यह ताजा घटनाक्रम ईरान और इज़रायल के बीच लगातार बढ़ते टकराव की ओर इशारा करता है। दोनों देशों के बीच हाल के हफ्तों में सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले तेज हो गए हैं, जिससे पश्चिम एशिया में गंभीर भू-राजनीतिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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