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अधीर रंजन के निलंबन के खिलाफ व‍िपक्ष का मार्च, राहुल भी रहे मौजूद

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने लोकसभा से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के निलंबन के खिलाफ सांसदों ने लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इसके साथ ही विपक्षी सांसदों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा तक मार्च किया। इस मार्च में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूर रहे।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दौरान कहा कि वे लोकतंत्र को दबाना चाहते हैं और संविधान के अनुसार काम नहीं करना चाहते हैं। यही कारण है कि, सभी दलों के हम सभी लोग यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हम उनके अवैध कार्यों के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे। लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए हम संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह लड़ेंगे।

फिलहाल लोकसभा की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के निलंबन और मणिपुर के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। इसकी वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हुई।

सदन की कार्यवाही आरंभ होने के साथ ही कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने चौधरी के निलंबन का विषय उठाने का प्रयास किया। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से यह कहते सुना गया कि चौधरी ने आसन के साथ हमेशा सहयोग किया है। शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने के लिए कहा। लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

भाजपा का वार

लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी के निलंबन के बारे में पूछे जाने पर, रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि पीएम को गाली देना और उनके बारे में गलत बातें कहना सही नहीं है। इस निलंबन के लिए विपक्ष को दोषी ठहराया जाना चाहिए। वे गलतियाँ कर रहे हैं और फिर दिखाने के लिए” वे खुद अच्छे हैं, वे संसद को चलने नहीं दे रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी के निलंबन पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि मैंने उन्हें (अधीर रंजन चौधरी) उसी समय कहा कि माफी मांगें और खेद व्यक्त करें।

लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया…यह फैसला करना स्पीकर पर निर्भर करता है। रमेश बिधूड़ी ने कहा कि संसद में उच्च पद पर बैठे नेताओं पर अशोभनीय टिप्पणी करना और चेतावनी के बाद भी बिना माफी मांगे माने लगातार ऐसा करना ठीक नहीं है। सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन भारत का संविधान रहेगा। देश में गरिमा और दूसरे नागरिक के प्रति प्रेम और सम्मान ही लोकतांत्रिक देश की पहचान है।

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