हिमाचल प्रदेश इन दिनों भारी बारिश की चपेट में है। पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचा दी है। मंडी, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू में हालात बेहद गंभीर हैं। खासकर मंडी में व्यास नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
300 साल पुराना मंदिर जलमग्न
मंडी में व्यास नदी किनारे स्थित पंजवक्त्र महादेव मंदिर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना माना जाता है और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। तेज बारिश और बाढ़ के चलते मंदिर का मुख्य हिस्सा जलमग्न हो गया है।
IMD का अलर्ट और प्रशासन की अपील
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सड़कें बंद, बिजली-पानी प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 795 सड़कें बंद हो गईं। 956 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 517 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुईं, जिससे कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप है।
स्कूल-कॉलेज बंद, NDRF तैनात
प्रशासन ने मंडी, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर और कुल्लू जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है। राहत-बचाव कार्य के लिए NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस
