अफ़ग़ान सीमा के पास तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकियों ने घात लगाकर पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के काफिले पर हमला कर दिया। इस हमले में 11 सैनिकों की मौत हो गई, जिनमें दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कुर्रम ज़िले में पहले सड़क किनारे बम धमाके से काफिला निशाना बना, जिसके बाद आतंकियों ने गोलियां बरसाईं।
पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर बताया कि यह घटना पास के ओरकज़ई ज़िले में एक अभियान के दौरान हुई। सेना ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में 19 आतंकवादी मारे गए। बाद में टीटीपी ने रॉयटर्स से बातचीत में हमले की जिम्मेदारी ली।
खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी का बढ़ता असर
पिछले कुछ महीनों में टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों पर हमलों की संख्या बढ़ा दी है। यह संगठन पाकिस्तान सरकार को गिराकर कट्टर इस्लामी शासन लागू करना चाहता है। इस्लामाबाद का आरोप है कि टीटीपी अफ़ग़ानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल प्रशिक्षण और हमले की योजना बनाने के लिए कर रहा है।
ओरकज़ई अभियान में मारे गए 19 आतंकी
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि ओरकज़ई में किए गए ऑपरेशन में आतंकियों को खुफिया सूचना के आधार पर घेरा गया। मुठभेड़ के दौरान 19 बंदूकधारी मारे गए, जबकि लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ़ (39) और मेजर तैय्यब राहत (33) समेत 11 सैनिक शहीद हो गए।
कबायली इलाकों में बढ़ती हिंसा से तनाव
पिछले महीने दक्षिणी वज़ीरिस्तान में हुई झड़पों में 12 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने टीटीपी के ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें कई नागरिकों की मौत की भी खबर है। बढ़ती हिंसा ने क्षेत्र में मानवाधिकार संकट और सुरक्षा अस्थिरता को और गहरा कर दिया है।
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