खबर संसार हल्द्वानी.रेरा ने फेरा पानी, तमाम लोगो की हसरतों पर.जी हा पिछले पांच दिन से उबाल मार रहा जमीनों की खरीद फरोख्त का प्रकरण डीएम वंदना के बयान के बाद ठंडा होता दिख रहा. जिसमे उन्होने कहा कि जिला प्रशासन ने खेती की जमीन की रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं लगाई है। जिले में किसान खेती की जमीनें अपनी मन मर्जी के मुताबिक खरीद और बेच सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार के क्षेत्रफल की कोई सीमा तय नहीं है। प्रशासन ने गौलापार क्षेत्र में अवैध रूप से काटी गई सात कॉलोनियों की जांच पूरी होने तक रजिस्ट्री रोकी गई है। जांच में यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो इन क्षेत्रों में भी रजिस्ट्री की जा सकती है। फर्जी शपथ पत्र के आधार पर प्लाटों की रजिस्ट्री नहीं होने दी जाएगी।
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डीएम वंदना ने कहा कि बिल्डर अफवाह फैलाकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं। कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त पहले की तरह जारी है। गौलापार क्षेत्र में सात बिल्डरों ने अवैध ढंग से रेरा के नियमों का उल्लंघन कर कॉलोनी काटी हैं। जांच में कॉलोनियों के अवैध होने की पुष्टि भी हो चुकी है। जिसके लिए रेरा को कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी गई है। अवैध कॉलोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्री में लगाए गए फर्जी शपथ-पत्रों की जांच जारी है। जांच पूरी होने तक इन कॉलोनियों में प्लाटों की रजिस्ट्री रोकी गई है। यदि शपथ पत्र गलत पाए गए तो दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी स्थित सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जमीनों की रजिस्ट्री पर किसी भी तरह की कोई रोक नहीं है। लोग मानकों के तहत जमीनों की रजिस्ट्री करा सकते हैं।दूसरी और किसानों, बिल्डर्स अर्जी नवीस इत्यादि ने सब रजिस्ट्रार दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की, अधिवक्ताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया.रेरा दस्तावेज लेखकों की हड़ताल से रजिस्ट्री दफ्तर में कामकाज ठपर हा
इस मुद्दे पर कल जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय के द्वारा प्रेस नोट जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जारी किया गया. जिसमे बताया गया है कि जिले में रेरा के नियमों को लागू कर दिया गया है। रेरा के नियमों के तहत अब 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि की खरीद और 8 यूनिट से अधिक फ्लैट व बिल्डिंग के निर्माण पर रेरा के नियमों को सख्ती से साथ लागू किया जाएगा। बड़ी कॉलोनियों व फ्लैट्स के निर्माण से पहले डीडीए से नक्शा पास कराया जाना जरूरी है। यदि नक्शा पास किए बगैर कोई प्लाट की बिक्री करता है तो उसे अवैध माना जाएगा। अनियोजित ढंग से शहर में बन रही अवैध कॉलोनियों से लोगों को सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज, पार्क आदि की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने जिले में रेरा के नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू किया है। कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त के लिए कोई पाबंदी नहीं है। लेकिन कृषि भूमि के आड़ में प्लाटों की खरीद-फरोख्त अवैध मानी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह रेरा के नियमों का पालन करने वाले बिल्ड़रों से ही प्लाटों की खरीद करें। साथ ही प्लाट खरीदने से पहले यह भी चेक कर लें कि कॉलोनी का नक्शा पास कराया गया है या नहीं।
