खबर संसार, कपकोट : उत्तराखंड का ऐसा सरकारी स्कूल जहां Admission के लिए मची मारामारी, सरकारी स्कूलों की पढ़ाई को लेकर जैसा कि सभी जानते हैं कि कोई भी अपनों का बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में नहीं करवाना चाहता वजह है पढ़ाई का न होना। ऐसे में ज्यादतर अभिभावक ज्यादा फीस देकर पब्लिक स्कूलों में अपने बच्चों को Admission करवाते हैं। लेकिन उत्तराखंड के कुमाऊं में एक ऐसा सरकारी स्कूल हैं, जहां प्रवेश के लिए मारामारी मची हुई है। तो आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन सा स्कूल हैं।
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Admission के लिए मारामारी
यहां बता दें कि बागेश्वर जिले के कपकोट में एक अप्रैल 2016 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय कपकोट आदर्श विद्यालय बना था। इस विद्यालय की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल से कई ज्यादा बेहतर है, इसी वजह से बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावक सुबह नौ से शाम पांच बजे तक धूप में लाइन में खडे़ होकर अपनी बारी का इंजतार जरूर कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं मालूम नहीं है कि उनके बच्चे का एडमिशन हो सकेगा या नहीं। इस सरकारी स्कूल कक्षा एक के Admission किये जा रहे हैं। यहां दाखिले से पहले पहले प्रवेश परीक्षा से गुजरना पड़ता है। अभी तक करीब 300 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हो चुका है, अभी 50 छात्रों प्रवेश बाकी हैं। यहां पर करीब 12 से 15 प्राइवेट स्कूल जरूर हैं, लेकिन अभिभावक इस सरकारी स्कूल को ज्यादा मुफीद मानते हैं।
क्या है विद्यालय की खासियत
यहां से प्रतिवर्ष लगभग तीन बच्चे बच्चे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल जा रहे हैं। अब तक 15 बच्चों का चयन हुआ है। प्रतिवर्ष जवाहर नवोदय और राजीव नवोदय के लिए 8 से 10 बच्चों का चयन हो रहा है। जवाहर नवोदय में 30 और राजीव में 20 बच्चे पढ़ रहे हैं। हिम ज्योति देहरादून के लिए अभी तक 17 बच्चों का चयन हुआ है। जबकि वहां वर्षभर में केवल 23 बच्चे लिए जाते हैं।जिसमें छह या सात बच्चे प्रतिवर्ष इस सरकारी विद्यालय से जा रहे हैं। जिला और राज्य स्तरीय गणित, जनरल नालेज, गणित आदि प्रतियोगिताओं में बच्चे अव्वल आ रहे हैं। प्रधानाध्यापक ख्याली दत्त शर्मा, शिक्षक मंजू गढ़िया, हरीश ऐठानी, अजय तिवारी आदि सुबह छह से रात 10 बजे तक स्कूल में उपलब्ध रहते हैं। वह प्रतियोगिता से संबंधित परीक्षाओं की निश्शुल्क तैयारी कराते हैं।
