खबर संसार, देहराूदन: उत्तराखंड कांग्रेस ने दिखाया अपने इस बड़े Leader को बाहर का रास्ता, उत्तराखंड कांग्रेस को जबसे विधानसभा चुनाव 2022 में हार का सामना करना पड़ा है, तब से लगातार हार पर मंथन जारी है। पूरी समीक्षा की जा रही है कि राज्य में कांग्रेस को आखिर का सामना क्यों करना पड़ा। विस चुनाव में कांग्रेस पार्टी पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोले जाने के संबंधी आरोप लगे थे, जिसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लगातार विरोध के बाद कांग्रेस ने पार्टी Leader अकील अहमद पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।
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मुस्लिम यूनिवर्सिटी बयान पर कांग्रेस की हार
कांग्रेस का मानना है कि मुस्लिम Leader अकील अहमद के एक अहम बयान की वजह से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। दरअसल उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य में मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। जिसके बाद भाजपा ने विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे को हाथो हाथ लेने के बाद राज्य में मुस्लिम धु्रवीकरण का आरोप लगाकर कांग्रेस को घेर लिया था। असल में पार्टी की हार के लिए दो दिन तक बुलाई गई समीक्षा बैठक में हारे हुए प्रत्याशियों और विधायकों ने कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बयान के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
हिन्दू-मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण
यहां बता दें कि राज्य में हर पांच वर्ष में सत्ता बदली रहती है, कभी कांग्रेस, तो कभी भाजपा। लेकिन इस विस चुनाव में ऐसा नहीं हो सका एक बार फिर से भाजपा सत्ता में वापस आ गई। कारण रहा उत्तराखंड में मुस्लिम विश्वविद्यालय बनाए जाने वाला वो बयान जो पार्टी उपाध्यक्ष अकील अहमद दिया था। हरीश रावत ही नहीं कांग्रेस के सभी नेताओं का कहना है कि इस बयान के कारण हिंदू वोट भाजपा की तरफ चला गया। इधर अकील अहमद ने कहा कि हरीश रावत मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। उत्तराखंड विस चुनाव हरीश रावत के अगुवाई में लड़ा गया था। जिसके बाद कांग्रेस की हार हुई और दोष मुझ पर मढ़ा जा रहा है।
