हार्ट अटैक के बारे में ये माना जाता है की ये बीमारी 50 साल से ऊपर लोगों को ही आता है। लेकिन अब ये धारणा गलत साबित हो रही है। क्योंकि अब 29, 28, 43 और 40 के युवाओं को भी हार्ट अटैक आ जार रहा है। जाड़ों में हार्ट अटैक आने व नसें ब्लाक होने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए अगले कुछ महीने अपने दिल को संभालकर रखें।
जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
हृदय रोग विशेषज्ञ मानते हैं कि हार्ट अटैक में उम्र का कोई बैरियर नहीं है। यह सही है कि ज्यादातर केसों में 50-60 साल पार कर चुके लोगों को हार्ट अटैक आता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है।
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ठंड में नसों में सिकुड़ जाती हैं। व्यायाम न करने से नसों में ऐंठन व सिकुडऩ ज्यादा बढ़ती है। इसलिए हर रोज सुबह के समय कम से कम आधा घंटा वर्कआउट जरूर करें। सर्दियों में ठंडी चीजें खाने से बचना है। सलाद व फलों का ज्यादा सेवन करना है। दाल व दही का सेवन ज्यादा करना है। अंडा भी खा सकते हैं। पानी या दूध को गर्म करके पीना है।
हार्ट अटैक में सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज
हार्ट अटैक से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है। समय पर चेकअप कराते रहें। 30 साल के बाद साल-दो साल में एक बार ईसीजी, हीमोग्लोबिन, किडनी फंक्शन टेस्ट, शुगर, कोलेस्ट्राल का टेस्ट जरूर करवाना है। जिनकी फैमिली हिस्ट्री स्ट्रांग है, उन्हें तो यह टेस्ट जरूर करवाने ही चाहिए। शुगर पीडि़त को हर साल टेस्ट करवाने चाहिए। छाती में दर्द होने पर जरूर डाक्टर के पास जाना चाहिए। शुगर पीडि़त को कई बार दर्द नहीं होता, उनका सांस फूलेगा और घबराहट बढ़ेगी। महिलाओं में जी मिचल सकता है, उलटी आ सकती है।
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