खबर संसार नई दिल्ली। जोर का झटका धीरे से लगा है पीएफ खाताधारकों को। जी हा मोदी सरकार ने होली से पहले पीएफ खाता धारकों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की बैठक में वित्त वर्ष 2021 22 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर में पॉइंट 4 फ़ीसदी की कटौती का निर्णय लिया है।
जोर का झटका धीरे से लगा है इन खाताधारकों को
यह दर 8.5 केजी से घटकर 8.1 फ़ीसदी हो जाएगी। जो कि पिछले 40 साल में सबसे कम है। इस फैसले से देश के करीब 5 करोड़ कर्मचारियों को नुकसान होगा इससे पहले 1977 78 में ईपीएफओ ने 8 फ़ीसदी ब्याज दिया था इसके बाद से 8.25 फ़ीसदी से अधिक रहा है।
बताते चलें कि देश में खाताधारकों के लिए 1952 में पीएफ पर ब्याज दर 3 प्रतिशत थी। 72 में 6 प्रतिशत। 1999 के बाद 10 परसेंट के करीब पहुंची। 7 सालों में यह 8.50 फ़ीसदी रही।
लेबर मिनिस्टर भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में गुवाहाटी में ईपीएफ की बैठक शुक्रवार को शुरू हुई थी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसमें उच्च ब्याज दर की मांग की थी पर सेंट्रल बोर्ड आफ ट्रस्टीस ने ऐसे 8.1 फ्री रखने का निर्णय लिया।


