HomeAstrologyनवरात्री का समय माँ दुर्गा के इन्हीं नौ रूपों की उपासना की...

नवरात्री का समय माँ दुर्गा के इन्हीं नौ रूपों की उपासना की जाती

खबर संसार हल्द्वानी ज्योतिषाचार्य मंजू जोशी।
7 अक्टूबर से नवरात्रि पर्व प्रारंभ हो रहा है।
हिन्दू वैदिक पंचांग के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। जगत के कल्याण के लिए आदि शक्ति ने अपने तेज को नौ अलग-अलग रूपों में प्रकट किया, जिन्हें हम नव-दुर्गा कहते हैं। नवरात्री का समय माँ दुर्गा के इन्हीं नौ रूपों की उपासना की जाती है।

देवी मां का आगमन पालकी(डोली) में होगा क्योंकि धार्मिक मान्यतानुसार गुरूवार और शुक्रवार को यदि नवरात्र प्रारंभ हो तो माता की सवारी डोली होती है, इसलिए इस बार नवरात्री में देवी मां पालकी में सवार होकर आएंगी। ऐसा माना जाता है नवरात्रि में पालकी पर देवी दुर्गा का आगमन स्त्री शक्ति को विशेष ऊर्जावान व बलवान बनाता है। परन्तु इसे प्राकृतिक और राजनैतिक उथल- पुथल का संकेत भी माना जाता है। इसलिए अगले कुछ समय में स्त्रियों का वर्चस्व राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा परन्तु राजनैतिक उथल-पुथल की स्थिति देखने को मिल सकती है।

*नवरात्रि तिथि व नौ देवियां*
शारदीय नवरात्रि में “चतुर्थी तिथि” क्षय होने के कारण नवरात्री का एक दिन घट रहा है। इसलिए इस बार नवरात्री का पर्व आठ दिन ही रहेगा।
7 अक्टूबर 2021 प्रथम नवरात्र मां शैलपुत्री ।
8 अक्टूबर 2021 द्वितीय नवरात्र मां ब्रह्मचारिणी ।
9 अक्टूबर 2021 तृतीय व चतुर्थ नवरात्र मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा।
10 अक्टूबर 2021 पंचम नवरात्र मां स्कंदमाता।
11 अक्टूबर 2021 षष्ठी नवरात्र मां कात्यायनी ।
12 अक्टूबर 2021 सप्तम नवरात्र मां कालरात्रि।
13 अक्टूबर 2021 दुर्गा अष्टमी मां महागौरी को समर्पित।
14 अक्टूबर 2021 नवमी तिथि मां सिद्धिदात्री ।
15 अक्टूबर 2021: दशहरा ( विजय दशमी)
*घट स्थापना शुभ मुहूर्त*
कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:17 से प्रारम्भ होकर सुबह 07:07 तक रहेगा। कलश स्थापना अभिजित मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 तक है। घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि पर है। घटस्थापना मुहूर्त निषिद्ध समय चित्रा नक्षत्र के दौरान होगा।
*कलश स्थापना विधि*
नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नानादि करके पूरे घर व पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कीजिए तत्पश्चात चौकी पर लाल आसन बिछाएं व आसन के उपर थोड़े चावल रखें और एक मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं और उस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें, कलश पर स्वास्तिक बनाएं। कलश में साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालकर नौ आम के पत्ते रखें नारियल लें और उस पर चुनरी लपेटकर कलावा से बांध लें। इस नारियल को कलश के ऊपर रखते हुए अब मां दुर्गा का ध्यान व आव्हान करें। प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धा पूर्वक माता के नौ रूपों की उपासना करें । घी का दीपक जलाएं। भोग अर्पित करें।माता रानी हम सभी की मनोकानाएं पूर्ण करें।
*सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके*।
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते*।।

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.