खबर संसार, नई दिल्ली : 1 July से बंद हो जाएंगे ये प्लास्टिक उत्पाद, नोटिस जारी, केन्द्र सरकार ने पर्यावरण पर ध्यान देते हुए प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब इन उत्पादों की बिक्री नहीं की जा सकेगी और न ही ये उपयोग में लाया जा सकेगा। एक बार इस्तेमाल होने वालेये प्लास्टिक उत्पाद पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसको देखते हुए केन्द्र सरकार की ओर से 1 July 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है।
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केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने इसके उत्पादन, भंडारण, वितरण और इस्तेमाल से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इसमें 30 जून से पहले इन पर पाबंदी की तैयारी पूरी करने को कहा गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक के कारण हो रहे पर्यावरणीय नुकसान की वजह से केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। केंद्र सरकार के इस फैसले से सभी तरह के सिंगल प्लास्टिक यूज के उत्पादों पर रोक लग जाएगी। थर्मोकॉल समेत प्लास्टिक स्टिक समेत कई उत्पाद शामिल हैं। ये प्लास्टिक उत्पाद काफी लंबे समय तक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। बता दें कि नुकसान को देखते हुए अगस्त 2021 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस पर रोक को लेकर अधिसूचना जारी की थी।
इन प्लास्टिक वस्तुओं पर लगेगी पाबंदी
सीपीसीबी के नोटिस के मुताबिक एक जुलाई से कप, ग्लास, कांटे, चम्मच, प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसी कटलेरी आइटम, मिठाई के डिब्बों, प्लास्टिक स्टिक वाले ईयरबड, गुब्बारे में लगने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर सजावट में काम आने वाले थर्माकोल आदि शामिल हैं।
नियम का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई
सीपीसीबी के नोटिस में इसका उल्लंघन करने वालों को कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसमें उत्पादों को सीज करना, पर्यावरण क्षति को लेकर जुर्माना लगाना, इनके उत्पादन से जड़े उद्यमों को बंद करना जैसी कार्रवाई शामिल है। सीपीसीबी ने सभी उत्पादकों, स्टॉकिस्ट, दुकानदारों, ई-कॉमर्स कंपनियों, स्ट्रीट वेंडर, मॉल, मार्केट, शॉपिंग सेंटर, सिनेमा हॉल, टूरिस्ट लोकेशन, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, अस्पताल व अन्य संस्थानों व आम लोगों को इन आइटमों के उत्पादन, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही है। इनसे कहा गया कि वे 30 जून तक अपना स्टॉक खत्म करना सुनिश्चित करें ताकि एक जुलाई से पूरी तरह से पाबंदी को लागू किया जा सके।
