Saturday, June 25, 2022
spot_imgspot_img
spot_img
HomeAdministrativeतीन नगर निगम एक में हुए मर्ज!

तीन नगर निगम एक में हुए मर्ज!

नई दिल्ली ख़बर संसार। तीन नगर निगम एक में हुए मर्ज! जी हा दिल्ली में अब एक नगर निगम होगा। क्योंकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम का आपस में विलय हो गया है।

तीन नगर निगम एक में हुए मर्ज!

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल यानि मंगलवार को दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक 2022 पर हस्ताक्षर कर मंजूरी दी। इसी के साथ दस साल बाद दिल्ली नगर निगम पुन: अस्तित्व में लौट आया है, जिसमें तीन की बजाय एक महापौर और एक निगमायुक्त होंगे।

बताए चले कि विधेयक को लोकसभा ने 30 मार्च और राज्यसभा ने पांच अप्रैल को मंजूरी दी थी। तथा वर्ष 2012 में दिल्ली नगर निगम के तीन हिस्से किए गए थे, जिसमें दक्षिण दिल्ली नगर निगम, उत्तरी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम बनाया गया था। केंद्र सरकार की ओर से जारी जीओ में कहा गया है कि संसद के निम्नलिखित कानून को 18 अप्रैल 2022 को राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त मिली।

दिल्ली के तीन नगर निगमों के एकीकरण का मकसद संसाधनों का अधिकतम उपयोग, समन्वय और रणनीतिक योजना सुनिश्चित करना है। निगम में पार्षदों की कुल संख्या और अनुसूचित जाति समुदायों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या का निर्धारण निगम के गठन के समय केंद्र द्वारा किया जाएगा। इसमें सीटों की संख्या 250 से कम नहीं होगी। पूर्ववर्ती निगमों की सारी चल व अचल संपत्ति दिल्ली नगर निगम में समाहित हो जाएगी। वहीं, विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के अनुसार, देश की राजधानी में नागरिक सेवाएं देनेे एवं वित्तीय मुश्किलों और क्रियाशील अनिश्चितताओं को दूर करने के प्रयास के तहत इसे लाया गया है। गौरतलब है कि राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने ‘आप’ सरकार पर निगमों के साथ सौतेले व्यवहार आरोप लगाया था। शाह ने कहा था कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 239 (एए) के तहत लाया गया है, जिसमें कहा गया है कि संसद को दिल्ली के संघ राज्य क्षेत्र से जुड़े किसी भी विषय पर कानून बनाने का हक है

आपको बताते चले की चेन्नई और मुंबई में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है, जबकि कोलकाता में चुने हुए पार्षद अपने बीच से एक को महापौर चुनते हैं। कहा जा रहा है की एक नगर निगम होने से कर्मचारियों को हर महीने समय से वेतन और सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन का प्रबंध करना आसान होगा । निगम को मजबूत बनाने के लिए राजस्व की वसूली सुधारनी होगी तथा कूड़े का निष्पादन, स्वच्छता व अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना आसान होगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में आसानी होगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.

you're currently offline