अमेरिका और रूस के बीच टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को झुकाने के लिए लगातार सख्त रुख अपनाया है। पुतिन के साथ बैठक रद्द करने के बाद ट्रंप ने रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी। इस फैसले से वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है और भारत सहित कई देशों पर इसका असर पड़ने की आशंका है।
हालांकि, ट्रंप की धमकियों का रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने रूस के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की, तो जवाब ऐसा होगा जिसे पूरी दुनिया देखेगी।
पुतिन का पलटवार — मिसाइल टेस्ट से दिखाया दम
अमेरिका के प्रतिबंधों के बीच रूस ने अपनी परमाणु ताकत का प्रदर्शन किया। पुतिन ने खुद इंटरकांटिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण देखा। यह परीक्षण उसी वक्त किया गया जब ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए और यूक्रेन पर प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी।
रूस ने अपनी आरएस-24 यार्स मिसाइल का परीक्षण कर यह संदेश दिया कि वह किसी भी सैन्य दबाव में आने वाला नहीं। 23 मीटर लंबी यह मिसाइल रूस की सबसे शक्तिशाली परमाणु मिसाइलों में गिनी जाती है, जो हजारों किलोमीटर दूर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है।
परमाणु अभ्यास से बढ़ा युद्ध का खतरा
पुतिन ने रूस की जल, थल और वायुसेना को एक साथ परमाणु युद्ध अभ्यास करने का आदेश दिया। इस अभ्यास में रूस की न्यूक्लियर ट्राइड – यानी जमीन, समुद्र और हवा से हमले की क्षमता – का प्रदर्शन किया गया।
इसी दौरान रूस की एक परमाणु पनडुब्बी से मिसाइल सिनेवा का भी परीक्षण हुआ। यह कदम सीधे तौर पर अमेरिका को जवाबी संदेश माना जा रहा है कि रूस किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाला नहीं।
भारत पर भी असर
इसी बीच, भारत के प्रधानमंत्री ने मलेशिया दौरा रद्द कर दिया, जहां उनकी ट्रंप से मुलाकात तय थी। अब यह मुलाकात टलने से यह संकेत मिल रहा है कि वैश्विक राजनीति में तनाव तेजी से बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में इसके गहरे असर देखने को मिल सकते हैं।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस
