अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों सहित सभी संभावित विकल्पों पर विचार कर रहा है। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस हफ़्ते इन विकल्पों पर गंभीर चर्चा होगी। बेसेंट के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन ने हाल में बमबारी अभियान तेज़ कर दिया है, जो बेहद चिंताजनक है।
यह बयान उस समय आया है जब अलास्का शिखर सम्मेलन को दो हफ़्ते बीत चुके हैं। उस बैठक में ट्रंप और पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने पर चर्चा की थी। ट्रंप ने रूस को दो हफ़्तों की समयसीमा दी थी कि वह शांति वार्ता की दिशा में प्रगति दिखाए। लेकिन यह समयसीमा सोमवार को समाप्त हो गई और अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
पुतिन का पलटवार, पश्चिम पर आरोप
इस बीच, चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने रूस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 2014 में हुए तख्तापलट से शुरू हुआ था, जिसे पश्चिमी देशों ने उकसाया। पुतिन ने फिर दावा किया कि यूक्रेन को नाटो में शामिल करने की कोशिश रूस की सुरक्षा के लिए खतरा है।
यूरोप का सख्त संदेश, तनाव बढ़ने की आशंका
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चेतावनी दी कि अगर पुतिन शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं होते, तो यह दिखाएगा कि उन्होंने ट्रंप के साथ फिर से “खेल” किया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने जनता को याद दिलाया कि ट्रंप ने पुतिन को “एक या दो हफ़्ते” का समय दिया था। अब जब समय सीमा बीत गई है और कोई प्रगति नहीं हुई, तो पश्चिम और रूस के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है।
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