इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग को लगभग दो साल पूरे होने वाले हैं। 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इस लड़ाई ने अब तक हजारों जिंदगियां ले लीं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गाजा युद्ध में अब तक 62 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि डेढ़ लाख से अधिक घायल हैं। मंत्रालय का दावा है कि मानवीय सहायता लेने की कोशिश में भी करीब दो हजार लोगों की जान गई।
हमास ने मानी सीजफायर की शर्त
ताज़ा खबर के मुताबिक, हमास ने मिस्र और कतर की मध्यस्थता से तैयार किए गए नए युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में बिना किसी संशोधन के 60 दिन के युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की बात है। सूत्रों के अनुसार, लगभग 50 बंधक इजरायल के पास हैं, जिनमें से 20 जिंदा बताए जा रहे हैं। पहले चरण में करीब 10 बंधकों की रिहाई होगी।
अमेरिका की मौजूदगी में बनी योजना
कतर और मिस्र लंबे समय से युद्धविराम कराने की कोशिश कर रहे थे। उनके सहयोग से अमेरिका के मध्यस्थ स्टीव विटकॉफ की देखरेख में टू-स्टेज कॉम्प्रिहेंसिव प्लान तैयार किया गया। इसमें न केवल अस्थायी युद्धविराम बल्कि स्थायी समाधान की संभावनाओं पर चर्चा की रूपरेखा भी है।
इजरायल का रुख सख्त
फिलहाल इजरायल की ओर से इस सीजफायर प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की सेना (आईडीएफ) गाजा पर कब्जा नहीं चाहती, जबकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू गाजा को पूरी तरह नियंत्रित करने की रणनीति पर कायम हैं। इजरायल का वर्तमान लक्ष्य गाजा को डि-मिलिट्राइज करना है और वहां किसी भी सैन्य शक्ति को खत्म करना है। साथ ही, वे चाहते हैं कि भविष्य में गाजा की सरकार में हमास की कोई भूमिका न रहे।हमास की ओर से आए इस रुख के बाद मिडिल ईस्ट में उम्मीद जगी है कि शायद लंबे समय से चल रहे खून-खराबे को विराम मिल सके। हालांकि अब सबकी नजरें इजरायल की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, क्योंकि अंतिम फैसला वही तय करेगा कि गाजा में शांति का रास्ता बनेगा या जंग जारी रहेगी।
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