जी, हां आप ने सही पढ़ा उत्तरकाशी में आए एवलांच में 28 ट्रेनी पर्वतारोही के फंस गए। इसमें से 7 का रेस्क्यू कर लिया गया है और 21 की खोज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना के 2 चीता हेलिकॉप्टर तैनात हैं।
इससे पहले इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेना की मदद मांगी। सीएम धामी ने एक ट्वीट में कहा- द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन होने के कारण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी के 28 प्रशिक्षार्थियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है।
रेस्क्यू अभियान जारी
धामी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने हेतु अनुरोध किया है, जिसको लेकर उन्होंने हमें केंद्र सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता देने के लिए आश्वस्त किया है। सभी को सुरक्षित निकालने हेतु रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
सीएम ने बताया कि द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन में फंसे प्रशिक्षार्थियों को जल्द से जल्द सकुशल बाहर निकालने के लिए NIM की टीम के साथ जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, सेना और ITBP के जवानों द्वारा तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने दिए IAF को निर्देश
वहीं इस हादसे पर रक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई है। मैंने वायुसेना को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर वायुसेना की रेस्क्यू टीम ने एक बयान में कहा कि उत्तरकाशी क्षेत्र में बचाव और राहत कार्यों के लिए IAF द्वारा तैनात 2 चीता हेलीकॉप्टर तैनात हैं।
अन्य सभी हेलिकॉप्टर्स के बेड़े को किसी भी अन्य आवश्यकता के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है। वहीं उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया कि उत्तरकाशी हिमस्खलन में फंसे आठ और पर्वतारोहियों को बचाया गया। कम से कम 21 और लोगों को बचाने के प्रयास जारी है।
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