खबर संसार, नई दिल्ली: अहमदाबाद सीरियल blast मामले में 38 को फांसी 11 को उम्र कैद, वर्ष 2008 में गुजरात के अहमदाबाद में 26 जुलाई को सिलसिलेवार हुए सीरियल blast मामले के दोषियों को आज 18 फरवरी शुक्रवार को अदालत ने सजा सुनाई । इस मामले में स्पेशल कोर्ट 49 दोषियों में से 38 दोषियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इससे पहले 8 फरवरी को सिटी सिविल कोर्ट ने 78 में से 49 आरोपियों को यूएपीआई (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत दोषी करार दिया था।
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blast में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा
ये सभी को देशद्रोह और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) के अपराध भी शामिल थे। विशेष न्यायाधीश एआर पटेल ने फैसला सुनाते हुए blast में मारे गए लोगों के परिजनों को को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसमे खास बात ये है कि देश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में फांसी की सजा सुनाई गई है। बता दें कि पिछले साल सितंबर में 13 साल पहले हुए बम धमाकों के मामले में सुनवाई पूरी हो गई थी। विशेष कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुनवाई के दौरान 1100 गवाहों के बयान दर्ज
13 साल चले इस मामले में की लंबी सुनवाई के दौरान प्रॉसीक्यूशन ने 1100 गवाहों के बयान दर्ज किए थे। वर्ष 2008 में हुए अहमदाबाद बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी। वहीं दिसंबर 2009 से इस मामले में सुनवाई चल रही थी। विशेष जज एआर पटेल ने पिछले साल सितंबर में मामले की सुनवाई खत्म होने की घोषणा की थी, इसके बाद उन्होंने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया।
बता दें कि 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर में 70 मिनट के अंतराल पर कुल 21 बम धमाके हुए थे। इन बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी। जबकि करीब 200 लोग इस धमाके में घायल हुए थे। वहीं पुलिस ने दावा किया था कि, इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोगों ने इन बम धमाकों को अंजाम दिया। दरअसल इंडियन मुजाहिदीन को सिमी से जुड़ा संगठन बताया जाता है।

