खबर संसार, नई दिल्ली : दिल्ली हाई कार्ट ने बाबा Ramdev को जारी किया नोटिस, बाबा रामदेव पर एलोपैथी को लेकर दी जा रही गलत जानकारी पर आज दिल्ली हाई कोर्ट ने योग गुरू को नोटिस कर दिया है। न्यायमूर्ति ने Ramdev को चार सप्ताह बाद जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 2022 को की जाएगी। न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने स्पष्ट किया कि वह रामदेव के खिलाफ वाद में आरोपों के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रहे और किसी प्रकार की राहत देने के बारे में बाद में विचार किया जाएगा।
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Ramdev एलोपैथी अस्पतालों का उड़ाया मजाक
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बाबा Ramdev के वकील राजीव नय्यर से कहा कि आपके मुवक्किल ने एलोपैथी और अस्पतालों का मजाक उड़ाया। आप जवाब दाखिल कीजिए। तब नय्यर ने कहा कि केस की मेरिट पर कोई राय मत बनाइए क्योंकि मीडिया में इसकी बड़े पैमाने पर रिपोर्टिंग हो रही है। कोर्ट ने केवल नोटिस जारी करने पर दलीलें सुनी है। रामदेव के अलावा आचार्य बालकृष्ण और पंतजलि आयुर्वेद को भी मामले में समन जारी कर जवाब देने को कहा गया है. अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गूगल, फेसबुक और ट्विटर को भी नोटिस जारी किये।
रामदेव पर गलत सूचना का आरोप
बता दें कि दरअसल, डॉक्टरों के एसोसिएशन ने Ramdev रामदेव पर कोरोना वायरस महामारी के बीच कथित तौर पर एलोपैथी के खिलाफ गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया है। उनके विवादित बयान के खिलाफ एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें आरोप है कि उन्होंने लोगों के सामने एलोपैथी को गलत तरीके से पेश किया। गौरतलब है कि योग गुरु रामदेव के कथित बयान से देश में एलोपैथी बनाम आयुर्वेद की बहस शुरू हो गई थी। हालांकि, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन द्वारा टिप्पणी को ‘अनुचित’ करार दिए जाने और पत्र लिखने के बाद रामदेव ने 23 मई को अपना बयान वापस ले लिया था।



