खबर संसार, नई दिल्ली : Rudraksh धारण करने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें वर्ना-…, रुद्राक्ष हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसे धारण करने से भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है। शिवभक्तों को रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से बना है। ये 01 मुखी से लेकर 21 मुखी तक होते है। वैसे आपको बता दें कि Rudraksh धारण करने से सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। रुद्राक्ष के दर्शन, स्पर्श से ही सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।
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Rudraksh नामक वृक्ष की उत्पत्ति
शिव पुराण में कहा गया है कि भगवान शिव की तपस्या के बाद उनके नेत्रों से कुछ अश्रु की बूंदे गिरीं। उन अश्रु की बूंदों से ही रूद्राक्ष नामक वृक्ष पैदा हुआ। बस तब से रूद्राक्ष की उत्पत्ति मानी जाती है। Rudraksh धारण करने से अनेक पापों और दुष्कर्मों का नाश हो होता है। रुद्राक्ष की अपनी एक अलग महिमा होती है। इसे धारण करने से जातकों के कष्ट दूर होते हैं साथ ही ग्रहों की अशुभता से भी मुक्ति मिलती है। लेकिन, चमत्कारी रुद्राक्ष को धारण करने से पहले इससे जुड़े नियमों को जानना बेहद ही जरूरी होता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि रुद्राक्ष पहनने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं।
रुद्राक्ष को लेकर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- रुद्राक्ष को हमेशा काले कपड़े में ही धारण करना चाहिए। किसी अन्य कपड़े में नहीं, इसे सोना-चांदी या फिर तांबे में भी धारण्किया जा सकता है।
- रुद्राक्ष धारण करते हुए भगवान शिव का नाम लेते हुए ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करना न भूलें। क्योंकि शिव जी का मंत्र बहुत ही पवित्र माना गया है। इसलिए इसे कभी भी अपवित्र होकर धारण न करें साथ ही अशुद्ध हाथों से न छुएं। इसे स्नान करने के बाद शुद्ध होकर ही धारण करें।
- अपना पहना हुआ रुद्राक्ष भूल से भी किसी दूसरे को धारण करने के लिए न दें।
- रुद्राक्ष हमेशा विषम संख्या वाला ही धारण करना चाहिए।
- यह बात विशेष ध्यान देने वाली है कि कभी भी 27 दानों से कम की रुद्राक्ष की माला नहीं बनवानी चाहिए। वर्ना शिवदोष लगता है।
- रुद्राक्ष धारण करने वालों को मांस, मदिरा या अन्य किसी भी प्रकार से नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।


