खबर संसार देहरादून.हमारे घर ही डकैती और हम पर ही मुकदमा गजब है सरकार, बोले पूर्व सीएम. जी हा 18मार्च 2016 के हॉर्स ट्रेडिंग के बावत जब पूर्व सीएम हरीश रावत से सीबीआई नोटिस के सम्बन्ध में सवाल पूछने पर जवाब था.पाठको को बताये चले कि 2016 के स्टिंग प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार को सीबीआई कोर्ट ने नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। इन चारों नेताओं के वॉयस सैंपल लिए जाने हैं। इसके लिए सीबीआई ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र सिंह अधिकारी की अदालत में मामले की सुनवाई 20 जून को हुई। सीबीआई की ओर से अभियोजन अधिकारी सियाराम मीना और सीबीआई के इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत से हरीश रावत, हरक सिंह रावत, उमेश कुमार और मदन सिंह बिष्ट के वॉयस सैंपल लेने की अनुमति देने के निर्देश देने की अपील की। अदालत में बताया गया कि 8 जून को इन्हें नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक नोटिस तामील नहीं हो पाए हैं। इस पर कोर्ट की ओर से दोबारा नोटिस जारी करने के साथ ही सीबीआई को इसकी पैरवी करने के आदेश दिए गए।स्टिंग मामले में हरीश, हरक और दो मौजूदा विधायकों को.
हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते वर्ष 2016 में एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था। यह स्टिंग तब समाचार चैनल से जुड़े उमेश कुमार (मौजूदा निर्दलीय विधायक) ने जारी किया था। इसमें सीएम हरीश रावत पर सरकार बचाने के लिए विधायकों की सौदेबाजी करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसी दौरान एक और स्टिंग विधायक मदन सिंह बिष्ट का भी आया था। इस स्टिंग में डॉ. हरक सिंह रावत के शामिल होने का दावा करते हुए हरीश रावत सरकार को बचाने के लिए खरीद-फरोख्त के आरोपों से जोड़ते हुए जारी किया गया था। यह स्टिंग भी उमेश कुमार की ओर से ही जारी किया गया था। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को दे दी गई थी। अब मामले की जांच इन चारों नेताओं के वॉयस सैंपल लेने पर टिकी हुई है, ताकि इनकी आवाजों का मिलान स्टिंग में रिकॉर्ड आवाजों से किया जा सके.



