कीव/मास्को: रूस-यूक्रेन युद्ध 2025 में एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताज़ा घटनाक्रम में रूस ने यूक्रेन के कई बड़े शहरों पर भीषण हमला किया है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने एक ही समय में 400 से अधिक ड्रोन और 40 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे यूक्रेन के वोलिन, लविवि, टेरनोपिल, कीव, सुमी, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव जैसे प्रमुख क्षेत्र हिल गए।
जेलेंस्की ने दी तीखी प्रतिक्रिया, कहा – “यह मानवता पर हमला है”
हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमारी वायुसेना ने कई मिसाइलें और ड्रोन गिराए, लेकिन तीन आपातकालीन सेवा कर्मियों की जान चली गई और 49 लोग घायल हैं।” जेलेंस्की ने रूस पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे मानवता पर हमला बताया।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की निर्णायक कार्रवाई की अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिका, यूरोप और वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि अब सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, निर्णायक दबाव और ठोस कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया चुप रहती है तो वह भी इस युद्ध में सहभागी मानी जाएगी।
यूक्रेन की मांग – प्रतिबंध, हथियार और राजनयिक दबाव
यूक्रेन ने फिर दोहराया कि वह अकेले लड़ते-लड़ते थक चुका है। उसने नाटो, यूरोपीय संघ और अमेरिका से अधिक कड़े आर्थिक प्रतिबंध, हथियारों की आपूर्ति और राजनयिक दबाव की माँग की है, ताकि रूस को बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके।
अब तक मिला समर्थन, लेकिन जेलेंस्की असंतुष्ट
अब तक अमेरिका ने कई सुरक्षा सहायता पैकेज और यूरोप ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम प्रदान किए हैं। नाटो ने अपनी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है। फिर भी, जेलेंस्की का मानना है कि यह मदद रूस की सैन्य शक्ति के मुकाबले अपर्याप्त है।
युद्ध का असर – हज़ारों मृतक, लाखों विस्थापित
2022 से जारी इस युद्ध में अब तक हज़ारों नागरिक मारे गए, लाखों लोग अपने घरों से बेघर हुए, और यूक्रेन की अर्थव्यवस्था व बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।
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