बेंगलुरु भगदड़: कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने BCCI व RCB को ठहराया जिम्मेदार जी, हां 4 जून को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ की घटना पर कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में बड़ा बयान दिया है। इस हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। सरकार ने कोर्ट में साफ कहा कि इस हादसे के लिए सीधे तौर पर BCCI और RCB जिम्मेदार हैं। उन्होंने किसी भी तरह की अनुमति लिए बिना इवेंट आयोजित किया और सोशल मीडिया पर प्रचार कर लाखों लोगों को बुला लिया।
बिना अनुमति किया गया आयोजन
राज्य के एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी ने कोर्ट में बताया कि आरसीबी ने 29 मई को पंजाब के खिलाफ जीत के बाद फाइनल में जगह पक्की की थी। इसके बावजूद उन्होंने 3 जून को होने वाले विजय जुलूस के लिए किसी प्रकार की कानूनी अनुमति नहीं ली। शेट्टी ने कहा कि आयोजकों ने केवल एक घंटे पहले प्रशासन को चिट्ठी लिखकर इवेंट की जानकारी दी, लेकिन उसमें अनुमति की मांग नहीं की गई थी। यह सीधा नियमों का उल्लंघन था।
सोशल मीडिया पर खुलेआम बुलावा
सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि 3 जून की रात 11:30 बजे से लेकर 4 जून सुबह तक आयोजकों ने लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर फैंस को बुलाया। इन पोस्ट्स में यह नहीं बताया गया था कि किसे अंदर प्रवेश मिलेगा और किसे नहीं। एडवोकेट जनरल ने कहा, “ऐसा लग रहा था मानो पूरी दुनिया को बुला लिया गया हो।” स्टेडियम की क्षमता जहां 33,000 थी, वहीं बाहर करीब 3.5 से 4 लाख लोग पहुंच गए थे।
गेट मैनेजमेंट और सुरक्षा की जिम्मेदारी आरसीबी और बीसीसीआई की
सरकार ने आगे बताया कि आरसीबी और बीसीसीआई के बीच एक समझौता था जिसमें टिकटिंग, गेट मैनेजमेंट और सुरक्षा की जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी और बोर्ड पर ही थी। पहले दावा किया गया था कि इस आयोजन में डीएनए एंटरटेनमेंट और केएससीए भी शामिल थे, लेकिन कोर्ट में सरकार ने इस दावे को खारिज करते हुए सही स्थिति स्पष्ट की। बेंगलुरु भगदड़ मामले ने एक बार फिर बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट में राज्य सरकार का रुख स्पष्ट है – आयोजकों की लापरवाही ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया। अब देखना होगा कि हाईकोर्ट इस पर क्या फैसला सुनाता है।
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