जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम क्षेत्र में सोमवार को ऑपरेशन महादेव के तहत सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के खतरनाक आतंकी हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह को मार गिराया। यह वही आतंकी था जिसने पहलगाम में निर्दोष हिंदुओं की हत्या की थी। उसकी मौत से पाकिस्तान सरकार और सेना में खलबली मच गई है।
छिपे ठिकाने में घेरा, फिर मुठभेड़ में मारा गया
सूत्रों के मुताबिक, मूसा माउंट महादेव के पास स्थित एक छिपे ठिकाने में आराम कर रहा था, जब संयुक्त बलों ने घेराबंदी की। मुठभेड़ में मूसा समेत तीन आतंकियों को मार गिराया गया। मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) का पूर्व सैनिक था और पारा-कमांडो स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका था।
भारत में घुसपैठ कर बनाया था आतंकी मॉड्यूल
हाशिम मूसा पिछले साल कठुआ और सांबा सेक्टर के रास्ते भारत में घुसपैठ करके आया था। उसने राजौरी-पुंछ के डीरा की गली क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क खड़ा किया और स्थानीय सहयोगियों की मदद से कई हमलों की साजिश रची।
पाकिस्तान से सीधा समर्थन
उसके पास से पाकिस्तानी वोटर ID, पाक में बनी वस्तुएं, और उन्नत हथियार बरामद हुए। इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान सरकार और सेना द्वारा प्रशिक्षित आतंकियों को भारत में भेजा जा रहा है।
आतंक के खिलाफ एक बड़ी जीत
मूसा की मौत भारत की आतंकवाद विरोधी नीति की बड़ी सफलता है। हालाँकि, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अब भी चुनौती बना हुआ है। आवश्यकता है कि भारतीय एजेंसियां अपनी खुफिया और तकनीकी क्षमताएं और मज़बूत करें।
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