जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में मंगलवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे 10 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए। यह घटना उस समय हुई जब मौसम विभाग ने कठुआ, सांबा, डोडा, जम्मू, रामबन और किश्तवाड़ समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्कूल बंद, बाढ़ का खतरा बढ़ा
खराब मौसम को देखते हुए जम्मू संभाग में सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद कर दिए गए। तवी नदी समेत कई नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है और अधिकारियों के अनुसार रात तक जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “जम्मू क्षेत्र में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है और लोगों को नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।”
कश्मीर में भी भारी बारिश, अलर्ट जारी
कश्मीर के दक्षिणी जिलों में मध्यम से भारी बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में भारी वर्षा और मध्य कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। उत्तरी कश्मीर में मौसम ज्यादातर शुष्क रहा। झेलम नदी के लिए फिलहाल बाढ़ की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
बारिश के आंकड़े और चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कठुआ में 155.6 मिमी, डोडा के भद्रवाह में 99.8 मिमी, जम्मू में 81.5 मिमी और कटरा में 68.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। विभाग ने 27 अगस्त तक ऊंचाई वाले इलाकों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है। संवेदनशील इलाकों में बचाव और राहत दल अलर्ट पर हैं।
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