खबर संसार नैनीताल. सुविधाओं और पैसे का हुआ दुरुपयोग न खेल का विकास न खिलाड़ियों का.पौष्टिक आहार के नाम पर थमा दिया केला.जी हा हाई कोर्ट नैनीताल ने तलब कर लिया है मामले की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीआई और उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड को.कोर्ट ने देखा नियम विरुद्ध तरीके से एक ही कंपनी के मालिक को दे दिए गए हैं ठेका सार्वजनिक रूप से नहीं निकाला गया, यानि बिना टेंडर निकाले फायदा पंहुचा दिया गया.
सुविधाओं और पैसे का हुआ दुरुपयोग न खेल का विकास न खिलाड़ियों का.पौष्टिक आहार के नाम पर थमा दिया केला.
उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड को टेंडर से लगभग 2 करोड रुपए की आय होनी चाहिए गया है उन्हें चाहती लेकिन लेकिन उसको माफ कर दिया गया है मैचो के दौरान फ्रेंचाइजी कंपनी द्वारा दिए जाने वाला विज्ञापन शुल्क को भी नजर अंदाज कर दिया गया याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पपक्षो से 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं



