नेपाल इन दिनों राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है। हाल ही में युवाओं के बड़े समूह ने वामपंथी सरकार का तख्तापलट कर सेना का ध्यान अपनी ओर खींचा। हालांकि नेपाल के संविधान में सेना के शासन का कोई प्रावधान नहीं है। इसी बीच सड़कों पर हजारों युवाओं ने आवाज उठाई कि उन्हें भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नेता चाहिए, जो विकास की नई दिशा दिखा सके।
युवाओं ने सुझाया सुशीला कार्की का नाम
नेपाल के युवाओं ने अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की का नाम आगे बढ़ाया है। उनका भारत से गहरा रिश्ता रहा है और इसी कारण वे चर्चा में हैं। जैसे ही युवाओं ने उनका नाम प्रस्तावित किया, उन्होंने भारत और पीएम मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया।
सुशीला कार्की का भारत से गहरा नाता
कार्की का भारत से संबंध उनकी युवावस्था से जुड़ा है। वे विराटनगर की रहने वाली हैं, जो भारत की सीमा से महज 25 मील की दूरी पर है। उन्होंने अपनी पढ़ाई विराटनगर के महेंद्र मोरंग कॉलेज से की और बाद में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
कार्की ने इंटरव्यू में कहा कि उन्हें आज भी गंगा नदी, छात्रावास की यादें और भारत में बिताए पल याद हैं। उन्होंने भारत को परिवार जैसा बताया और कहा कि भारतीय नेताओं से वे हमेशा प्रभावित रही हैं।
मोदी और भारत पर कार्की की टिप्पणी
सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि मोदी जी के बारे में उनकी सकारात्मक राय है। उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल के रिश्ते कभी-कभी तल्ख हो सकते हैं, लेकिन भारत ने हर समय नेपाल की मदद की है। जैसे बर्तन एक साथ रखे जाते हैं, तो आवाज होती है। मगर यह नज़दीकी को ही दर्शाता है।”
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