शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने कई दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर इसके पीछे की वजह और सरकार से मिले भरोसे की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने छात्रों, परीक्षा प्रणाली और संसद में होने वाली चर्चा को लेकर भी अहम बातें कहीं।
सोनम वांगचुक ने खत्म की भूख हड़ताल
प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने गुरुवार (23 जुलाई) की रात अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इसके बाद शुक्रवार सुबह वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर क्रमवार पूरे घटनाक्रम और अपने फैसले के पीछे की वजह बताई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले वांगचुक?
वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि कई लोग यह जानना चाहते हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का क्या हुआ। उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई ऐसा आश्वासन नहीं मिला कि इस्तीफा कब होगा। हालांकि, उन्हें यह भरोसा जरूर दिया गया कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके सामने दो ही विकल्प थे—या तो अनशन जारी रखकर अपनी जान जोखिम में डालें या फिर आगे के संघर्ष के लिए स्वयं को सुरक्षित रखें।
हजारों लोगों की अपील के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने बताया कि हजारों लोगों ने उनसे आग्रह किया कि उनका जीवित रहना अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि आंदोलन को आगे भी जारी रखना है। उन्होंने कहा कि वह यह नहीं मानते कि इस संघर्ष से कोई उपलब्धि हासिल नहीं हुई।
वांगचुक के अनुसार, यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो इससे छात्रों या आंदोलन को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका राजनीतिक असर स्वयं उन पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस्तीफा दे दिया जाता, तो उनका नुकसान वहीं रुक सकता था।
बच्चों पर कोई मामला दर्ज न हो, यही थी सबसे बड़ी प्राथमिकता
संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं पर कोई मामला दर्ज न हो।
उन्होंने कहा कि लद्दाख में उन्होंने देखा है कि एक एफआईआर के कारण युवाओं का भविष्य लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना उनके लिए सबसे अहम था कि छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो।
NEET पेपर लीक और संसद में जवाबदेही पर होगी चर्चा
सोनम वांगचुक ने बताया कि NEET पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को सरकार की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने इस फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि संसद में परीक्षा प्रणाली की खामियों और जवाबदेही के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से उन्हें भरोसा मिला है कि भारतीय संसद में परीक्षा प्रणाली की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर बहस होगी। साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें
