ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने “आई लव मोहम्मद” विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत में “आई लव मोदी” कहना आसान है, लेकिन “आई लव मोहम्मद” बोलना मुश्किल बना दिया गया है।
बरेली में तनाव और इंटरनेट बंद
उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले हफ्ते “आई लव मोहम्मद” पोस्टरों को लेकर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने बरेली संभाग के चार जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। दशहरा और जुमे की नमाज को देखते हुए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
ओवैसी ने उठाए सवाल
हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “देश में कोई ‘आई लव मोदी’ कहे तो स्वागत होता है, लेकिन ‘आई लव मोहम्मद’ कहने पर विवाद खड़ा हो जाता है। आप देश को किस दिशा में ले जा रहे हैं?” उन्होंने कहा कि मुसलमानों की पहचान मोहम्मद से है और यह भावनात्मक जुड़ाव उनकी आस्था का हिस्सा है।
कानून-व्यवस्था और असम मुद्दा
ओवैसी ने सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि असम में 3000 मुसलमानों को बेघर कर दिया गया, यह कहते हुए कि वे सरकारी जमीन पर रह रहे थे। ओवैसी ने लोगों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और कानून को अपने हाथ में न लें।
उन्होंने कहा, “जब आप कानून के दायरे में काम करेंगे, तब महसूस होगा कि कानून महज एक मकड़ी का जाला है। हमें धैर्य से काम लेना होगा और कानूनी रास्ते से ही लड़ाई लड़नी होगी।”
विपक्ष पर भी निशाना
ओवैसी ने केवल भाजपा ही नहीं, बल्कि विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की समस्याओं पर कोई ठोस पहल नहीं हो रही।
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